पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच Trinamool Congress (TMC) की पूर्व सांसद Nusrat Jahan को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तलब किया है। उन्हें 22 अप्रैल को कोलकाता स्थित ED दफ्तर में पेश होने का आदेश दिया गया है। खास बात यह है कि यह तारीख राज्य में पहले चरण के मतदान से ठीक एक दिन पहले की है।
ईडी ने उन्हें सॉल्ट लेक के सीजीओ कॉम्पलेक्स स्थित कार्यालय में बुलाया है। फिलहाल इस समन पर नुसरत जहां की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
क्या है मामला?
यह पूरा मामला कथित राशन घोटाले और तस्करी से जुड़ा है। आरोप है कि COVID-19 लॉकडाउन के दौरान बसीरहाट के सीमावर्ती इलाकों से गेहूं और चावल की तस्करी कर बांग्लादेश भेजा जा रहा था। उस समय Nusrat Jahan बसीरहाट से सांसद थीं। जांच एजेंसियों ने उस दौरान कई ट्रकों को जब्त किया था और अब इसी मामले में पूछताछ के लिए उन्हें बुलाया गया है।
ईडी के अनुसार, राशन तस्करी की जांच में कई लोगों के नाम सामने आए हैं और एजेंसी बांग्लादेश भेजे गए गेहूं से जुड़े मामले में उनसे जानकारी लेना चाहती है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि समन के समय नुसरत जहां देश में मौजूद हैं या नहीं, क्योंकि हाल ही में वे अपने पति Yash Dasgupta के साथ विदेश यात्रा पर गई थीं।
पहले भी हो चुकी है पूछताछ
यह पहला मौका नहीं है जब Nusrat Jahan को ईडी के सामने पेश होना पड़ा हो। इससे पहले एक फ्लैट धोखाधड़ी मामले में उनसे कई घंटों तक पूछताछ की जा चुकी है। इस मामले में Shankudeb Panda ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
ED की कार्रवाई पर राजनीति तेज
चुनावी माहौल के बीच इस कार्रवाई को लेकर सियासत भी गरमा गई है। Trinamool Congress ने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए आरोप लगाया है कि चुनाव से ठीक पहले जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।
फिलहाल यह मामला कानूनी और राजनीतिक दोनों ही मोर्चों पर अहम बन गया है, और आने वाले दिनों में इसकी दिशा पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
Aaina Express
