इस बार यूपी टी-20 लीग में डिसीजन रिव्यू सिस्टम (डीआरएस) का इस्तेमाल होगा। अभी तक देश में किसी भी घरेलू स्तर की क्रिकेट लीग में डीआरएस का इस्तेमाल नहीं हुआ है। अभी तक देश में केवल अंतरराष्ट्रीय मैचों में डीआरएस का प्रयोग किया गया है। यूपीसीए के सीईओ अंकित चटर्जी ने बताया कि कि यूपी टी-20 लीग के 23 अगस्त से प्रारंभ होने वाले मुकाबलों में डीआरएस पद्धति का इस्तेमाल किया जाएगा। यूपी टी-20 लीग का पहला सत्र वर्ष 2023 में खेला गया था, तब इसमें 34 मुकाबले हुए थे।
हालांकि, इसमें निर्णय के लिए डीआरएस का इस्तेमाल नहीं किया गया था। इस सिस्टम के तहत अगर खिलाड़ी को लगता है कि अंपायर का निर्णय गलत है तो वह डीआरएस का इस्तेमाल करता है। डीआरएस पद्धति को मैच में इस्तेमाल करने के लिए इसके सेटअप पर काफी खर्च होता है। एक मैच की बात करें तो दो कैमरा सेटअप के लिए लगभग पांच लाख का खर्च आता है। इसके चलते घरेलू सीरीज में कोई एसोसिएशन इसका इस्तेमाल नहीं करती हैं।