उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। सोमवार सुबह से राजधानी लखनऊ सहित कई जिलों में बारिश का दौर जारी है, जबकि कानपुर, उन्नाव, बाराबंकी समेत कई अन्य क्षेत्रों में बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के 69 जिलों में भारी बारिश और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज वर्षा की चेतावनी जारी की है।
लगातार बारिश के बीच संतकबीरनगर में लगभग 300 वर्ष पुराना बाबा बैजूनाथ मंदिर ढह गया। घटना के समय मंदिर में कोई श्रद्धालु मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। प्रशासन ने मौके का निरीक्षण कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
वहीं मुजफ्फरनगर में भारी बारिश के दौरान एक कच्चा मकान गिरने से बड़ा हादसा हो गया। मलबे में दबने से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में परिवार के बुजुर्ग मुखिया और उनके चार बच्चे शामिल हैं। हादसे में परिवार की दो बेटियां घायल हुई हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
प्रदेश की प्रमुख नदियों का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। बलिया में सरयू नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है, जिससे नदी किनारे बसे करीब 100 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। कई स्थानों पर कटान की घटनाएं भी सामने आई हैं।
कानपुर में गंगा नदी चेतावनी स्तर तक पहुंचने के बाद एहतियातन नदी में नौकायन पर रोक लगा दी गई है। वहीं वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से रत्नेश्वर महादेव मंदिर का बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया है और दशाश्वमेध घाट की कई सीढ़ियां भी जलमग्न हो गई हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक वर्षा हमीरपुर में हुई, जबकि श्रावस्ती, सुल्तानपुर, महाराजगंज और गाजीपुर में भी उल्लेखनीय बारिश रिकॉर्ड की गई।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र (लो प्रेशर सिस्टम) के प्रभाव से मानसून दोबारा सक्रिय हुआ है। इसके कारण 24 जुलाई तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। दक्षिणी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में भारी वर्षा हो सकती है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जलभराव वाले क्षेत्रों, नदी किनारे और कमजोर भवनों से दूर रहें। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें तथा मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
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