बिजनेसमैन राज कुंद्रा ने कथित बिटकॉइन मनी लॉन्ड्रिंग मामले में विशेष पीएमएलए (PMLA) अदालत द्वारा जारी समन और संज्ञान आदेश को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। मामले पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को नोटिस जारी किया है। इस याचिका पर अगली सुनवाई 6 अगस्त 2026 को निर्धारित की गई है।
याचिका में राज कुंद्रा ने कहा है कि विशेष पीएमएलए अदालत ने 5 जनवरी 2026 को ईडी की पूरक अभियोजन शिकायत (Supplementary Prosecution Complaint) पर संज्ञान लेते समय भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 223(1) के तहत उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया। इसी आधार पर उन्होंने अदालत के आदेश और उसके तहत जारी समन को निरस्त करने की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला वर्ष 2018 में महाराष्ट्र के दो पुलिस थानों में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। ईडी के अनुसार, कथित तौर पर एक क्रिप्टो निवेश योजना के माध्यम से निवेशकों को बिटकॉइन में ऊंचे रिटर्न का लालच देकर बड़ी रकम जुटाई गई थी। जांच एजेंसी का दावा है कि बाद में निवेशकों को न तो उनकी मूल राशि वापस मिली और न ही वादा किया गया लाभ।
ईडी का आरोप है कि इस कथित मामले से जुड़े 285 बिटकॉइन राज कुंद्रा के पास पहुंचे, जिनकी अनुमानित कीमत करीब ₹150.47 करोड़ आंकी गई है। एजेंसी का यह भी कहना है कि उन्होंने कथित तौर पर संबंधित डिजिटल वॉलेट की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई और बिटकॉइन भी जांच एजेंसी को नहीं सौंपे।
जांच एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि कथित अपराध से जुड़े धन के स्रोत को छिपाने के लिए कुछ संपत्ति संबंधी लेन-देन बाजार मूल्य से कम कीमत पर किए गए। ईडी ने सितंबर 2025 में पूरक अभियोजन शिकायत दाखिल करते हुए राज कुंद्रा को इस मामले में आरोपी बनाया था। इसके बाद विशेष अदालत ने जनवरी 2026 में शिकायत पर संज्ञान लेकर उनके खिलाफ समन जारी किया।
हाई कोर्ट में क्या दलील दी गई?
राज कुंद्रा की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि बीएनएसएस लागू होने के बाद किसी नई शिकायत पर संज्ञान लेने से पहले संबंधित आरोपी को सुनवाई का अवसर देना आवश्यक है। याचिका में सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले सहित विभिन्न न्यायिक निर्णयों का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि विशेष अदालत ने निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया।
फिलहाल बॉम्बे हाई कोर्ट ने मामले में ईडी से जवाब मांगा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 6 अगस्त 2026 को होगी, जहां अदालत दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आगे का निर्णय करेगी।
Aaina Express
