मध्य प्रदेश में कथित ड्रग्स तस्करी और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इंदौर और मंदसौर के कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई करीब 70 करोड़ रुपये मूल्य की 70 किलोग्राम एमडीएमए (मेफेड्रोन) ड्रग्स से जुड़े मामले की जांच के तहत की गई।
यह जांच इंदौर क्राइम ब्रांच द्वारा एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं में दर्ज मामले के आधार पर शुरू हुई थी। शुरुआती जांच में कई आरोपियों के नाम सामने आए थे, जिनमें एक प्रमुख आरोपी लगातार ठिकाने बदलकर जांच एजेंसियों से बचने की कोशिश कर रहा था।
ईडी ने तकनीकी निगरानी, खुफिया सूचनाओं और आधुनिक जांच तकनीकों की मदद से आरोपी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी। जांच के दौरान उसकी लोकेशन हैदराबाद, बीकानेर और इंदौर सहित कई शहरों में ट्रैक की गई। अंततः एजेंसी ने इंदौर के एक नए पते का पता लगाकर वहां सर्च ऑपरेशन चलाया।
छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिले, जिन्हें जब्त कर लिया गया है। अब इनकी फॉरेंसिक जांच कर यह पता लगाया जाएगा कि कथित ड्रग्स कारोबार से अर्जित धन का उपयोग किन-किन माध्यमों से किया गया और मनी लॉन्ड्रिंग का नेटवर्क किस तरह संचालित हो रहा था।
जांच के दौरान एक आरोपी के रिश्तेदार के नाम पर बैंक लॉकर मिलने की भी जानकारी सामने आई है। ईडी अब उस लॉकर की भी जांच कर रही है, ताकि उससे जुड़े दस्तावेज, नकदी, आभूषण या अन्य संपत्तियों की जानकारी जुटाई जा सके।
एजेंसी का मानना है कि बरामद साक्ष्यों से ड्रग्स तस्करी से जुड़े आर्थिक नेटवर्क, कथित अवैध संपत्तियों और इस पूरे रैकेट में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का खुलासा हो सकता है। फिलहाल मामले में मनी ट्रेल और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच जारी है।
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