Breaking News

मऊ में कम बारिश से किसानों पर बढ़ा दबाव: औसत 546 मिमी की बजाय अब तक सिर्फ 287.5 मिमी बारिश, सिंचाई में हुआ अधिक खर्च।

मऊ में इस मानसून सीजन में बारिश की कमी से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब तक जिले में केवल 287.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो औसत 546 मिमी का मात्र 53 प्रतिशत है। किसान धान की फसल को बचाने के लिए वैकल्पिक सिंचाई के साधनों का सहारा ले रहे हैं, जिससे खेती की लागत बढ़ गई है।

जिला कृषि अधिकारी सोम प्रकाश गुप्त के अनुसार, इस वर्ष जुलाई और अगस्त में बारिश कम रही। जुलाई में 100 मिमी बारिश हुई, जबकि पिछले साल जुलाई में 174.25 मिमी रिकॉर्ड की गई थी। अगस्त में 143 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष अगस्त की 176 मिमी से कम है।

मौसम विभाग ने अगस्त में अच्छी बारिश की उम्मीद जताई थी, लेकिन यह महीना निराशाजनक साबित हुआ। जिले में बारिश का वितरण असमान रहा; कुछ क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई जबकि कई इलाके सूखे रहे। वर्ष 2022 में कुल 445 मिमी बारिश हुई थी, जो औसत से 19 प्रतिशत कम थी। मौजूदा स्थिति को देखते हुए इस साल भी बारिश का आंकड़ा औसत 546 मिमी तक पहुंचने की संभावना कम दिखाई देती है।

Check Also

रोहित शर्मा के वनडे करियर पर सस्पेंस बरकरार, लॉर्ड्स मैच के बाद हो सकता है बड़ा फैसला

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा के वनडे करियर को लेकर नई चर्चाएं शुरू …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *