प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन मामले में जांच तेज करते हुए कई स्थानों पर छापेमारी की है। जांच एजेंसी ने कथित रूप से लगभग 440 करोड़ रुपये से जुड़े बैंक खातों की जांच शुरू की है और संबंधित खातों पर रोक लगाने की कार्रवाई भी की है। इस सिलसिले में पांच अलग-अलग स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया।
ईडी के अनुसार, जांच का केंद्र कथित वित्तीय लेनदेन, फंड के स्रोत और धन के उपयोग की पड़ताल है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संबंधित खातों में जमा धनराशि का उपयोग किन उद्देश्यों के लिए किया गया और क्या इसमें धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) से जुड़े किसी कानून का उल्लंघन हुआ है।
जांच के दायरे में एविएशन क्षेत्र से जुड़ी केयरवेल ग्रुप की कंपनियां भी शामिल हैं। ईडी का दावा है कि वर्ष 2023 से 2026 के बीच पार्टी से जुड़े खातों से बड़ी धनराशि इन कंपनियों को हस्तांतरित की गई। इसके बाद इन कंपनियों के बीच भी कई वित्तीय लेनदेन हुए, जिनकी जांच की जा रही है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, छापेमारी के दौरान ऐसे दस्तावेज और जानकारियां सामने आई हैं जिनसे विमान और हेलीकॉप्टर की खरीद से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच की जा रही है। ईडी यह भी जांच कर रही है कि इन परिसंपत्तियों के लिए इस्तेमाल किए गए धन का स्रोत क्या था और क्या इनका उपयोग व्यावसायिक या अन्य उद्देश्यों के लिए किया गया।
इस कार्रवाई के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस ने ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक प्रेरित बताते हुए इसका विरोध किया है, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने इसे कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच का हिस्सा बताया है।
बताया जा रहा है कि संबंधित बैंक खातों पर लगी रोक के खिलाफ अदालत का दरवाजा भी खटखटाया गया था, लेकिन फिलहाल तत्काल राहत नहीं मिली। इसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच और तेज कर दी है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और एजेंसी सभी वित्तीय लेनदेन, फंड के स्रोत तथा धन के उपयोग से जुड़े तथ्यों की विस्तार से पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।
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