रायबरेली जिले के राही गांव में मोहर्रम का पर्व शुक्रवार रात गहरी आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अकीदतमंद और अंजुमन के सदस्य एकत्र हुए और हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातमी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का सबसे प्रमुख आकर्षण आग पर मातम की परंपरा रही। इसमें सैकड़ों युवाओं ने जलते अंगारों पर नंगे पैर चलकर और मातमी रस्मों में भाग लेकर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। पूरे माहौल में “या हुसैन” की सदाएं गूंजती रहीं और लोगों ने गम और सम्मान के साथ मातम किया।
इस दौरान मातमी जुलूस भी निकाला गया, जिसमें शामिल लोगों ने सीना-ज़नी और नौहाख्वानी के जरिए इमाम हुसैन को खिराज-ए-अकीदत पेश की। ताजिए और अलम भी आकर्षण का केंद्र बने रहे।
जुलूस के रास्ते में कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने शर्बत और पानी की व्यवस्था कर आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा की। आयोजन के दौरान आपसी भाईचारे, शांति और इंसानियत का संदेश भी दिया गया।
सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी रही। अधिकारियों की निगरानी में कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग इस धार्मिक आयोजन में शामिल होने पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की।
Aaina Express
