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एएमयू: एक मेडिकल के सहायक प्रोफेसर जिस पर कक्षा में देवी-देवताओं के बारे में टिप्पणी करने का आरोप था, उसकी प्रत्याशित जमानत खारिज कर दी गई।

 

Anticipatory bail of medical assistant professor rejected

जेएन मेडिकल कॉलेज अलीगढ़
– फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज में कक्षा में मेडिकल छात्रों को पढ़ाने के दौरान देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में असिस्टेंट प्रोफेसर जितेंद्र को राहत नहीं मिली। अपर सत्र न्यायालय 17 रवीश कुमार अत्री की अदालत ने से असिस्टेंट प्रोफेसर की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है।

बता दें कि सिविल लाइंस में भाजपा नेता डॉ.निशित शर्मा ने डॉ. जितेंद्र के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें पुलिस स्तर से चार्जशीट लगाई जा चुकी है। अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी सुधांशु अग्रवाल ने बताया कि मामला अप्रैल 2022 का है। जिसमें  एमबीबीएस छात्रों की कक्षा में प्रोजेक्टर पर दुष्कर्म विषय पर देवी-देवताओं के बारे में आपत्तिजनक बातें पढ़ाने का आरोप है। मामले में अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी गई है।

इधर, वादी मुकदमा डॉ.निशित शर्मा का कहना है कि सनातन विरोधी ताकतें जो एकजुट हो रही हैं उनका ही एक हिस्सा प्रोफेसर जितेंद्र जैसे विकृत मानसिकता के लोग हैं। मेरा कर्तव्य है कि हर पटल पर इस लड़ाई को जारी रखा जाएगा और न्यायोचित रूप से दोषी के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही की जाए ।

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