Rajnath Singh ने दक्षिण कोरिया की राजधानी Seoul में भारतीय सैनिकों की याद में बने युद्ध स्मारक का उद्घाटन किया। यह स्मारक कोरियाई युद्ध में भारतीय सेना के योगदान और बलिदान को समर्पित है।
करीब 75 साल पहले हुए कोरियाई युद्ध (1950-53) के दौरान भारतीय सेना ने घायल सैनिकों के इलाज के लिए 60 पैरा फील्ड एंबुलेंस यूनिट को भेजा था। युद्ध के दौरान कई भारतीय सैनिकों ने बहादुरी दिखाई, जिनमें पांच जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे।
इम्जिंगक पार्क में बनाया गया स्मारक
यह वॉर मेमोरियल सियोल के इम्जिंगक पार्क में बनाया गया है। खास बात यह है कि युद्ध समाप्त होने के बाद इसी स्थान पर भारतीय सेना की ‘कस्टोडियन फोर्स ऑफ इंडिया’ ने अस्थायी शिविर स्थापित किया था। संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में युद्धबंदियों की अदला-बदली के लिए इस विशेष बल का गठन किया गया था।
राजनाथ सिंह ने जताया गर्व
उद्घाटन समारोह के दौरान राजनाथ सिंह ने कहा कि यह स्मारक भारतीय सैनिकों के साहस, बलिदान और मानवीय सेवा का प्रतीक है। उन्होंने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि कोरियाई युद्ध में भारतीय सेना की भूमिका शांति और मानवता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
समारोह में दक्षिण कोरिया के वेटरन्स मामलों के मंत्री कुओन ओह-इयुल भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
भारत ने की स्मारक की फंडिंग
इस युद्ध स्मारक के निर्माण में भारत के रक्षा मंत्रालय ने आर्थिक सहयोग दिया है। समारोह में लेफ्टिनेंट कर्नल एजी रंगराज के परिवार के सदस्य भी शामिल हुए। युद्ध के दौरान उनके साहस के लिए उन्हें महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था।
भारत-दक्षिण कोरिया साझेदारी पर भी जोर
राजनाथ सिंह ने भारत और दक्षिण कोरिया के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी का भी जिक्र किया। हाल ही में भारत की Larsen & Toubro और दक्षिण कोरिया की Hanwha Aerospace के बीच एयर डिफेंस सिस्टम और आधुनिक हथियारों को लेकर समझौता हुआ है।
भारत के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह स्मारक दोनों देशों के साझा इतिहास और सहयोग की मजबूत पहचान है, जो आने वाली पीढ़ियों को भारतीय सैनिकों के योगदान की याद दिलाता रहेगा।
Aaina Express
