Sultanpur के धम्मौर थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक से उसकी लापता बहन और 9 महीने के भांजे को सुरक्षित छुड़ाने के नाम पर ₹19 हजार की ठगी कर ली गई। आरोपी ने सोशल मीडिया पर वायरल गुमशुदगी वीडियो का फायदा उठाकर परिवार को डराया और ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करा लिए।
ग्राम बखतराय का पुरवा निवासी मनोज राय ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि उनकी बहन सपना राय कुछ दिन पहले अपने 9 महीने के बेटे माधव के साथ बिना बताए घर से चली गई थीं। परिवार ने काफी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिलने पर 16 मई को धम्मौर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
बहन और बच्चे की तलाश के लिए परिवार की ओर से एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया गया। यह वीडियो धीरे-धीरे वायरल हो गया। इसी वायरल वीडियो का फायदा उठाकर साइबर ठग सक्रिय हो गए।
18 मई को परिवार के सदस्य नितिन शर्मा के मोबाइल पर व्हाट्सऐप कॉल आई। कॉल करने वाले ने दावा किया कि सपना राय और उनका बच्चा उसके कब्जे में हैं। आरोपी ने दोनों की जान को खतरा बताते हुए ₹2 लाख की मांग की। साथ ही कई क्यूआर कोड भेजकर रकम ट्रांसफर करने का दबाव बनाया।
परिवार डर गया और आरोपी से रकम कम करने की गुजारिश की। काफी बातचीत के बाद आरोपी ₹20 हजार लेने पर तैयार हो गया। ठग द्वारा भेजे गए एक क्यूआर कोड पर ‘अभिषेक यादव’ नाम दिखाई दिया, लेकिन बाद में उसने पैसे लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपी ने दूसरी यूपीआई आईडी भेजी।
अपनी बहन और मासूम भांजे की सुरक्षा को लेकर घबराए मनोज राय ने पत्नी सुनीता के बैंक खाते से दो बार में ₹10 हजार और ₹9 हजार ट्रांसफर कर दिए। कुल ₹19 हजार आरोपी के खाते में भेजे गए।
मामले में नया मोड़ तब आया जब 23 मई को सपना राय अपने बच्चे के साथ सुरक्षित घर लौट आईं। उन्होंने बताया कि उन्हें किसी ने अगवा नहीं किया था और न ही बंधक बनाया गया था। वह अपनी मर्जी से बांदा जिले में रहने वाली एक सहेली के यहां गई थीं।
बहन और बच्चे के सुरक्षित लौटने के बाद परिवार को एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। आरोपियों ने सोशल मीडिया पर वायरल गुमशुदगी वीडियो देखकर पूरी साजिश रची और डर का माहौल बनाकर पैसे ऐंठ लिए।
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी और जबरन वसूली का केस दर्ज कर लिया है। साइबर सेल की मदद से आरोपी की पहचान और ट्रांजैक्शन की जांच की जा रही है।
Aaina Express
