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खम्मम के सरकारी स्कूल में मिड-डे मील से स्वास्थ्य प्रभावित, 32 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया

 

 

तेलंगाना के खम्मम जिले में शिक्षा का मंदिर अचानक एक अस्पताल का नजारा बन गया, जब सरकारी प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे मील खाने के बाद दर्जनों छात्रों की हालत बिगड़ गई. कोणिजर्ला मंडल के बोडिया तांडा स्थित इस स्कूल में गुरुवार को हुई इस घटना ने प्रशासन की लापरवाही को बयान कर दिया. लापरवाही से पकाया गया खाना करीब 32 मासूम बच्चों के लिए जहर साबित हुआ, जिससे उन्हें उल्टी, दस्त और तेज पेट दर्द की शिकायत हुई और उन्हें तुरंत खम्मम सरकारी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.

स्थानीय लोगों ने क्या जानकारी दी? 
मौके पर मौजूद ग्रामीणों और अभिभावकों के अनुसार, खम्मम जिले के स्कूल में दोपहर का भोजन बंटवाया गया था, लेकिन भोजन खाने के कुछ ही देर बाद बच्चों की तबियत बिगड़नी शुरू हो गई. एक-एक करके बच्चे उल्टी करने लगे और पेट दर्द से तड़पने लगे. आनन-फानन में स्थानीय लोगों और शिक्षकों की मदद से सभी पीड़ित छात्रों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया. डॉक्टरों के मुताबिक, सभी बच्चों की स्थिति अब खतरे से बाहर है और उन्हें प्राथमिक उपचार देकर डिस्चार्ज करने की तैयारी है, लेकिन यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान छोड़ गई है.

यह पहला मौका नहीं है जब तेलंगाना राज्य के आदिवासी इलाकों में स्कूलों में स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं. तांडा क्षेत्रों के स्कूलों में अक्सर मिड-डे मील तैयार करने के दौरान साफ-सफाई की कमी और सामग्री की खराब क्वालिटी की शिकायतें सामने आती रहती हैं। इस घटना ने फिर से उन नियमों पर सवाल खड़े कर दिए हैं जो बच्चों को पौष्टिक भोजन देने का दावा करते हैं.

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