पाकिस्तान वायुसेना (PAF) से जुड़ी एक बड़ी दुर्घटना सामने आई है, जहाँ उसका अग्रिम पंक्ति का लड़ाकू विमान जेएफ-17 थंडर (JF-17 Thunder) कामरा इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा पाकिस्तान एयरोनॉटिकल कॉम्प्लेक्स (PAC) के समीप उस समय हुआ जब विमान एक नियमित प्रशिक्षण उड़ान (रूटीन ट्रेनिंग मिशन) पर था। इस क्रैश के बाद एक बार फिर चीन निर्मित रक्षा उपकरणों और लड़ाकू विमानों की सुरक्षा व विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
हवा में आई खराबी: पैराशूट के सहारे कूदे दोनों पायलट
शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, उड़ान के दौरान फाइटर जेट में अचानक गंभीर तकनीकी खराबी आ गई। विमान को अनियंत्रित होता देख उसमें सवार दोनों पायलटों ने सूझबूझ दिखाई और क्रैश होने से ठीक पहले सुरक्षित इजेक्ट कर लिया। हवा में पैराशूट के सहारे नीचे उतरते पायलटों का वीडियो भी सामने आया है। हालांकि, जमीन पर गिरते समय दोनों पायलटों को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। गनीमत यह रही कि विमान आबादी वाले इलाके से दूर गिरा, जिससे किसी भी नागरिक के हताहत होने की खबर नहीं है। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग और आपातकालीन बचाव दल (इमरजेंसी रेस्क्यू टीम) पायलटों की मदद के लिए मौके पर पहुंचे।
एक साल में 7वां हादसा: सवालों के घेरे में चीनी तकनीक
इस ताजा हादसे ने पाकिस्तान के हवाई बेड़े के रखरखाव और चीन पर उसकी अत्यधिक निर्भरता को लेकर नई बहस छेड़ दी है। पिछले एक साल के भीतर पाकिस्तानी वायुसेना के विमानों के क्रैश होने की यह सातवीं घटना है। लगातार हो रहे इन हादसों के बाद विमानों की फिटनेस और उनकी ओवरहॉलिंग प्रक्रिया की नए सिरे से जांच शुरू कर दी गई है।
क्या है JF-17 थंडर की खासियत और इतिहास?
संयुक्त विकास: जेएफ-17 थंडर लड़ाकू विमान को पाकिस्तान एयरोनॉटिकल कॉम्प्लेक्स (PAC) और चीन की चेंगदू एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन (CAC) ने मिलकर तैयार किया है।
वायुसेना की रीढ़: यह विमान मौजूदा समय में पाकिस्तानी वायुसेना के लड़ाकू बेड़े का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
बहुउद्देशीय क्षमता: यह एक हल्का, सिंगल-इंजन वाला मल्टी-रोल फाइटर जेट है। इसे वायुसेना के पुराने हो चुके विमानों को हटाने और उनकी जगह लेने के लिए बेड़े में शामिल किया गया था।
ऑपरेशनल रोल: इस लड़ाकू विमान को हवाई हमले रोकने (इंटरसेप्शन), जमीन पर निशाना साधने, एंटी-शिप ऑपरेशंस और जासूसी जैसी कई सैन्य भूमिकाओं के लिए डिजाइन किया गया है।
लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद अब इस चीनी-पाकिस्तानी जॉइंट प्रोजेक्ट की साख दांव पर लग गई है और इसके एवियोनिक्स व इंजन की गुणवत्ता पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।
Aaina Express
