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गोमतीनगर के विभूतिखंड स्थित मॉडल वेंडिंग जोन में बाहरी लोगों को दुकानें आवंटित किए जाने का मामला सामने आया है। इसको लेकर कई लोगों ने नगर निगम मुख्यालय पहुंचकर नगर आयुक्त गौरव कुमार से शिकायत की। आरोप है कि छह महीने पहले तैयार हुए इस वेंडिंग जोन में पुराने स्थानीय विक्रेताओं की अनदेखी कर बाहरी लोगों को दुकानें दे दी गईं।

जबकि जिन वेंडरों ने 2023 के सर्वे में पर्ची कटाई और पिछले 20 साल से दुकान लगा रहे, उन्हें बाहर कर दिया गया। ऐसे में पिछले 6 महीने से कई वेंडर नगर निगम के अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। वेंडरों का कहना है कि अब रोजी- रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कोई सुनने वाला नहीं है। अधिकारी से शिकायत करने जाते हैं तो कोई मिलता नहीं है। हर बार शिकायत लेकर वापस लौटा दिया जा रहा है। ऐसे में समस्या बढ़ गई है। फुटपाथ पर दुकान लगाने पर नगर निगम सामान जब्त करने की कार्रवाई करता है।

20 साल से लगा रहे दुकान, वेंडिंग जोन में नहीं हुआ अलॉटमेंट

राम आधार यादव ने कहा कि 20 साल से पान की दुकान लगा रहे थे। नगर निगम के अधिकारियों ने इसका सर्वे भी किया। पर्ची भी कटाई। जब मौके से हटाया जा रहा था तो कहा गया था कि पेंडिंग जॉन बनने के बाद फिर से यहां पर जगह दी जाएगी, लेकिन मौके पर जगह नहीं दी गई पिछले 6 महीने से लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रहा हूं। कोई सुनने वाला नहीं है। जब वेंडिंग जोन हटाया गया था तो वहां पर 25 से 30 दुकान ही लगती थी, लेकिन जब नया वेंडिंग जोन बनकर तैयार हुआ तो वहां पर 40 लोगों का आवंटन किया गया। इसमें से कई लोगों का नाम नहीं है जो वहां दुकान लगाते थे। अब थक चुका हूं, अधिकारी आने के बाद मिलते ही नहीं हैं।

पर्ची कटाई, पेमेंट दिया, फिर भी सुनवाई नहीं

धर्मेंद्र साहू का कहना है कि 10 साल से दुकान लगा था था। मॉडल वेंडिंग जोन में पहले से पंजीकृत हूं। इसके लिए पर्ची भी कटाई है, पेमेंट भी दिया। आरोप है कि जब वेंडिंग जोन से हटाया गया था, तब कहा गया था कि सुंदरीकरण के बाद वेंडिंग जोन में फिर से दुकान दी जाएगी,लेकिन दुकान अलॉट नहीं की गई। जब अधिकारियों से मिलने की कोशिश करता हूं तब रोक दिया जाता है। आरोप है कि मौके पर 25-30 लोग ही दुकान लगाते थे,लेकिन इसमें 10-15 बाहरी लोगों को आवंटन किया गया है। जबकि 10 सालों से दुकान लगाने के बाद भी वेंडिंग जोन में दुकान अलॉट नहीं की गई।

10 से 15 बाहरी लोगों को दी गई दुकान

मोहित कुमार यादव ने बताया कि नारियल पानी और जूस की दुकान लगाते थे। नगर निगम की तरफ से सर्वे किया गया तो पर्ची भी कटाई थी, लेकिन जब वेंडिंग जॉन का अलॉटमेंट किया गया तो दुकान नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि बाहरी लोगों को पेंडिंग जोन में जगह दी गई। जबकि हम वहीं दुकान लगा देते बावजूद इसके दुकान बचाने पर भी अलॉटमेंट नहीं किया गया। अब रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। अगर बाहर दुकान लगाते हैं तो नगर निगम की टीम कार्रवाई कर देती है। ऐसे में समझ में नहीं आ रहा है कि क्या किया जाए, पिछले 6 महीना से अधिकारियों से मिलने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।

80 दुकानों के सर्वे का दावा

नगर निगम के अधिकारियों का दावा है कि विभूति खंड में मॉडल वेंडिंग जोन के लिए जब सर्वे किया गया था तो करीब 80 दुकान वहां लगाई जाती थी। वेंडिंग जोन में 40 दुकान ही थी। ऐसे में सिर्फ उन्हीं का आवंटन किया जा सकता था। वहीं, जिन वेंडरों को दुकान नहीं मिली है, उनका दावा है कि 2023 में और उसके पहले जब सर्वे किया गया तो सिर्फ 25-30 दुकान लगाई जाती थी। जबकि जो अलॉटमेंट किया गया है,उसमें करीब 15 नए दुकानदार शामिल किए गए हैं,जो यहां पर दुकान नहीं लगाते थे।

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