परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित संसद मार्च के दौरान प्रदर्शन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के बीच पहली औपचारिक बातचीत हुई। इस बैठक में CJP की ओर से सौरभ दास और आशुतोष रांका शामिल हुए, जिन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर संगठन की प्रमुख मांगें उनके सामने रखीं।
बैठक के बाद जेपी नड्डा ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की ओर से बातचीत का प्रस्ताव मिलने के बाद सरकार ने संवाद शुरू किया। उनके अनुसार, प्रतिनिधिमंडल के साथ सकारात्मक माहौल में विस्तृत चर्चा हुई और उन्हें एक लिखित ज्ञापन भी सौंपा गया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने, धरना समाप्त करने और प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की।
वहीं CJP की ओर से सौरभ दास ने कहा कि सरकार ने उनकी मांगों पर उचित स्तर पर विचार करने का आश्वासन दिया है। संगठन का कहना है कि उनकी प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा या पद से हटाया जाना, सोनम वांगचुक की रिहाई और नीट परीक्षा से जुड़े कथित मामलों में जान गंवाने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा शामिल है।
आशुतोष रांका ने भी कहा कि सरकार ने इन मांगों पर पार्टी नेतृत्व से चर्चा के लिए समय मांगा है और अब वे अगले निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।
इस बीच संसद मार्च के दौरान राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। प्रदर्शनकारियों को संसद की ओर बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिए जाने की भी खबरें सामने आईं।
यह प्रदर्शन प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, विशेष रूप से नीट-यूजी पेपर लीक और अन्य परीक्षा संबंधी मुद्दों पर जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। इन घटनाओं के बाद परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को लेकर देशभर में बहस तेज हो गई है।
Aaina Express
