उत्तर प्रदेश के जेवर स्थित नए अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से सोमवार को एक खास उड़ान संचालित की गई, जिसने इस परियोजना से जुड़े किसानों को एक अलग अनुभव दिया। इस उड़ान में वे किसान शामिल हुए जिन्होंने एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी भूमि उपलब्ध कराई थी। कुल 170 किसान, जिनमें 28 महिलाएं भी शामिल थीं, हवाई यात्रा कर राजधानी लखनऊ पहुंचे।
लखनऊ पहुंचने के बाद किसानों का स्वागत किया गया और उनसे संवाद भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान राज्य नेतृत्व ने इस परियोजना को क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक बदलाव से जोड़ते हुए इसे भविष्य के विकास का आधार बताया।
संवाद के दौरान कहा गया कि एयरपोर्ट परियोजना केवल हवाई सेवाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसके आसपास बड़े पैमाने पर निवेश, उद्योग और रोजगार के अवसर तैयार होंगे। किसानों से कहा गया कि आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र नई आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
बताया गया कि एयरपोर्ट का विकास कई चरणों में किया जा रहा है और शुरुआती चरण का काम आगे बढ़ चुका है। इसके साथ लॉजिस्टिक्स, कार्गो सेवाएं और विमान रखरखाव से जुड़ी सुविधाओं को भी विकसित करने की योजना पर काम हो रहा है।
इस अवसर पर यह भी कहा गया कि भविष्य में कृषि उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में कार्गो नेटवर्क महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इससे किसानों को स्थानीय बाजारों की तुलना में बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी।
जेवर क्षेत्र को लेकर शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़े कई प्रस्तावों का भी उल्लेख किया गया। बताया गया कि कौशल विकास, आधुनिक प्रशिक्षण और उद्योगों की जरूरतों के अनुसार स्थानीय युवाओं को तैयार करने के लिए विशेष संस्थान विकसित किए जा रहे हैं।
साथ ही क्षेत्र में उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और खेल सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया गया। उद्देश्य यह बताया गया कि स्थानीय युवाओं को रोजगार और विकास के अवसर अपने क्षेत्र में ही मिल सकें।
पहली विशेष उड़ान में शामिल किसानों ने इस अनुभव को यादगार बताते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले समय में यह परियोजना क्षेत्र की पहचान और आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा देगी।
Aaina Express
