एटा जिले में अचानक हुई बे-मौसम बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में तैयार खड़ी गेहूं की फसल और कटी हुई तंबाकू की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
जिले के कई ग्रामीण इलाकों, खासकर अलीगंज ब्लॉक के राजा का रामपुर सहित आसपास के गांवों में फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर और कड़ी मेहनत से फसल तैयार की थी, लेकिन मौसम की मार ने उनकी सारी उम्मीदों को खत्म कर दिया। अब उनके सामने परिवार चलाने और कर्ज चुकाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
प्रशासन की ओर से राजस्व विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में जाकर नुकसान का आकलन कर रही हैं। हालांकि, तंबाकू की फसल को व्यावसायिक श्रेणी में माना जाने के कारण इस पर सरकारी सहायता मिलने की संभावना कम बताई जा रही है, जबकि गेहूं की फसल में हुए नुकसान पर ही मुआवजे का प्रावधान लागू हो सकता है।
किसान राहुल प्रताप ने बताया कि उन्होंने लगभग 30 बीघा में तंबाकू और 5 बीघा में गेहूं की खेती की थी, जो कटाई के लिए तैयार थी। लगातार हुई बारिश से पूरी फसल खराब हो गई और अब लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है।
इसी तरह किसान राम सेवक ने 13 बीघा में तंबाकू और 7 बीघा में गेहूं बोया था। इसके लिए उन्होंने 50 हजार रुपये का कर्ज लिया था। फसल नष्ट होने के बाद अब कर्ज चुकाने की चिंता उन्हें परेशान कर रही है।
किसानों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द सर्वे पूरा कर उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि वे इस मुश्किल समय से उबर सकें। फिलहाल, खेतों में पड़ी खराब फसलें किसानों की बेबसी और नुकसान की गवाही दे रही हैं।
प्रशासन का कहना है कि प्रभावित फसलों का आकलन जारी है और किसानों को हर संभव सहायता देने का प्रयास किया जाएगा।
Aaina Express
