राज्यसभा चुनाव के तहत 7 राज्यों से 26 उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुन लिए गए हैं। इन नेताओं में Sharad Pawar, Ramdas Athawale, Abhishek Manu Singhvi, Thambi Durai, Vinod Tawde और Babul Supriyo जैसे बड़े नाम शामिल हैं। वहीं बिहार, ओडिशा और हरियाणा की कुछ सीटों पर आज मतदान होगा, जिनके नतीजे शाम तक आने की संभावना है।
बिहार में कुशवाहा और एडी सिंह के बीच सीधा मुकाबला
बिहार में मुख्यमंत्री Nitish Kumar, जेडीयू के Ramnath Thakur, बीजेपी के Nitin Nabin और नेता Shivam Kumar की जीत लगभग तय मानी जा रही है। वहीं पांचवीं सीट के लिए एनडीए के Upendra Kushwaha और महागठबंधन के एडी सिंह के बीच कड़ा मुकाबला है। महागठबंधन के पास 35 विधायक हैं, जबकि जीत के लिए 41 वोटों की जरूरत है।
All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen के सभी 5 विधायकों ने Tejashwi Yadav की पार्टी Rashtriya Janata Dal को समर्थन देने का ऐलान किया है। दूसरी ओर एनडीए को भरोसा है कि उनके उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा जीत हासिल करेंगे। इसके लिए उन्हें महागठबंधन के कम से कम 3 विधायकों के समर्थन की जरूरत पड़ सकती है।
ओडिशा में भी दिलचस्प मुकाबला
ओडिशा में बीजेपी और Biju Janata Dal को दो-दो सीटें मिलने की संभावना जताई जा रही है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष Manmohan Samal, Sujit Kumar और बीजद नेता Santrupt Misra निर्विरोध चुने जा सकते हैं। चौथी सीट पर मुकाबला बना हुआ है। 147 सदस्यीय विधानसभा में एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए 30 वोटों की जरूरत होती है। फिलहाल बीजेपी के पास 79 विधायक हैं और 3 निर्दलीयों के समर्थन से यह संख्या 82 हो जाती है। ऐसे में दो सीटें जीतना आसान है, लेकिन तीसरे उम्मीदवार को जिताने के लिए पार्टी को 8 अतिरिक्त वोटों की आवश्यकता होगी।
हरियाणा में समीकरण दिलचस्प
90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा में बीजेपी के पास 48 सीटें हैं। Indian National Lok Dal के 2 विधायकों और 3 निर्दलीय सदस्यों के समर्थन से पार्टी की संख्या 53 हो जाती है। एक सीट जीतने के लिए 31 वोटों की जरूरत होती है, जिससे बीजेपी उम्मीदवार Sanjay Bhatia की जीत लगभग तय मानी जा रही है।
वहीं कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं और उसके उम्मीदवार करमवीर बोध के लिए भी जीत का रास्ता आसान माना जा रहा है। लेकिन बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार Satish Nandal के मैदान में आने से मुकाबला रोचक हो गया है। उन्हें जीत के लिए 9 अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी, जो कांग्रेस विधायकों की क्रॉस-वोटिंग के बिना संभव नहीं मानी जा रही। इसी आशंका के चलते कांग्रेस ने अपने 31 विधायकों को हिमाचल प्रदेश भेज दिया है।
Aaina Express
