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स्पीयर कोर की पहल: असम–अरुणाचल सीमा पर पूर्व सैनिकों की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष रैली आयोजित

पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की समस्याओं के समाधान और उनके कल्याण को ध्यान में रखते हुए भारतीय सेना की स्पीयरहेड डिवीजन द्वारा स्पीयर कोर के तहत रविवार (26 अप्रैल 2026) को अरुणाचल प्रदेश के लिकाबाली में एक विशाल मेगा वेटरन्स रैली आयोजित की गई। असम और अरुणाचल प्रदेश के राज्य एवं जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में 1500 से अधिक पूर्व सैनिक, वीर नारियां, शहीदों के परिजन, सेवारत सैनिक और उनके आश्रित शामिल हुए।

यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि पूर्व सैनिकों और सेना के बीच संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ उनकी समस्याओं को सीधे सुनकर तत्काल समाधान देने का एक प्रभावी मंच साबित हुआ।

रैली का मुख्य उद्देश्य पेंशन से जुड़ी गड़बड़ियों, जमीन और कानूनी विवादों, दस्तावेजी समस्याओं और अन्य कल्याणकारी मुद्दों का मौके पर ही निस्तारण करना था। इस दौरान विभिन्न विभागों और एजेंसियों ने स्टॉल लगाकर पूर्व सैनिकों को तुरंत सहायता प्रदान की।

कार्यक्रम में अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल के. टी. परनाइक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने इस पहल को “आर्मी आपके द्वार” का रूप बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य पूर्व सैनिकों को एक ही स्थान पर सभी जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने यह भी कहा कि देश के लिए सेवा देने वाले सैनिकों और उनके परिवारों की देखभाल करना राष्ट्र की जिम्मेदारी है।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में सेना के बदलते स्वरूप पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और उन्नत हथियारों के कारण अब सेना में भर्ती के लिए न्यूनतम 10+2 शिक्षा आवश्यक हो गई है। उन्होंने अभिभावकों और समाज से युवाओं की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की।

रैली में राज्य सैनिक बोर्ड ईटानगर, जिला सैनिक कल्याण कार्यालय, पीसीडीए गुवाहाटी, ईसीएचएस, विभिन्न रिकॉर्ड कार्यालयों, सरकारी विभागों और बैंकों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लेकर पेंशन, चिकित्सा, बैंकिंग और दस्तावेजों से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया।

इसके साथ ही पूर्व सैनिकों को आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट ऑर्गनाइजेशन के माध्यम से पुनर्वास योजनाओं, रोजगार के अवसरों और दूसरी पारी के करियर विकल्पों की जानकारी भी दी गई। स्वास्थ्य सेवाओं को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा मेडिकल कैंप भी लगाया गया, जहां पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की स्वास्थ्य जांच और परामर्श की व्यवस्था की गई।

कार्यक्रम का भावनात्मक पहलू उस समय सामने आया जब वीर नारियों, वीर माताओं, वीर पुत्रियों और विशिष्ट उपलब्धि हासिल करने वाले पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सैनिक स्कूल रकसीन के छात्रों और एनसीसी कैडेटों ने देशभक्ति से भरपूर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं, जिससे कार्यक्रम में उत्साह का माहौल बना रहा।

लिकाबाली में आयोजित यह मेगा वेटरन्स रैली न केवल पूर्व सैनिकों की समस्याओं के समाधान का प्रभावी मंच बनी, बल्कि इसने सेना और नागरिक प्रशासन की उस प्रतिबद्धता को भी दर्शाया, जिसमें सेवा के बाद भी सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान, कल्याण और सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।

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