नए साल की शुरुआत भक्तों ने भगवान श्री बांके बिहारी जी के दर्शन के साथ की। सुबह से ही वृंदावन के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। भक्त जयकारे लगाते हुए मंदिरों की ओर बढ़ते नजर आए और अपने आराध्य की एक झलक पाने को आतुर दिखे।
बांके बिहारी मंदिर में उमड़ी भारी भीड़
नववर्ष के पहले दिन बांके बिहारी मंदिर परिसर भक्तों से खचाखच भरा रहा। मंदिर खुलते ही श्रद्धालु दर्शन के लिए दौड़ पड़े। हर भक्त की यही कामना थी कि नए साल की शुरुआत अपने आराध्य के दर्शन से हो। आम दिनों की तुलना में आज मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या कहीं अधिक रही।
भक्तों ने मांगी चरणों की भक्ति
हरियाणा के सिरसा से दर्शन के लिए पहुंचीं श्रद्धालु मीनू ने बताया कि उन्होंने भगवान से कुछ विशेष नहीं, बल्कि चरणों की भक्ति मांगी है। उनका कहना था कि जीवन भर भगवान के चरणों में स्थान बना रहे और बार-बार उनके दर्शन का सौभाग्य मिलता रहे।
वहीं उत्तराखंड से आए एक दल ने दर्शन के उपरांत भजन गाए और पारंपरिक नृत्य कर अपनी आस्था प्रकट की।
नववर्ष पर बांके बिहारी जी की नई पोशाक
नववर्ष के अवसर पर मंदिर को आकर्षक सजावट से सजाया गया। भगवान बांके बिहारी जी ने भक्तों को नई पोशाक में दर्शन दिए। मंदिर के पुजारी रजत गोस्वामी सोनू ने बताया कि भगवान प्रतिदिन नई पोशाक धारण करते हैं, हालांकि यह कैलेंडर नववर्ष होने के कारण विशेष अनुष्ठान नहीं होता। भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भोग का समय दोपहर 12:20 की बजाय 12 बजे कर दिया गया, ताकि मंदिर बंद होने से पहले श्रद्धालुओं को अधिक समय तक दर्शन का लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी बताया कि नव संवत्सर पर भगवान को विशेष भोग अर्पित किया जाता है।
सौभरी वन के पास भक्तों को दर्शन देंगे संत प्रेमानंद
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए संत प्रेमानंद महाराज 1 जनवरी से 6 जनवरी तक यमुना किनारे स्थित सौभरी वन के पास बने कुंड क्षेत्र में भक्तों को दर्शन देंगे। स्थान खुला और बड़ा होने के कारण यह व्यवस्था की गई है। संत प्रेमानंद महाराज दोपहर के समय यहां भक्तों को दर्शन देंगे। इन दिनों वह यमुना तट पर अधिक समय व्यतीत कर रहे हैं, जहां कभी साधना करते हुए तो कभी पक्षियों को दाना खिलाते हुए दिखाई देते हैं।
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