देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। एक ओर पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार बारिश और बाढ़ से जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं उत्तर भारत के कई हिस्सों में अब भी तेज गर्मी और लू का असर बना हुआ है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कई क्षेत्रों में मौसम में बदलाव की संभावना जताई है।
पूर्वोत्तर भारत में लगातार वर्षा के कारण कई इलाकों में सड़क संपर्क और दैनिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। अरुणाचल प्रदेश और असम के कई जिलों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और सहायता कार्य जारी हैं तथा हालात पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।
केंद्रीय स्तर पर भी स्थिति की समीक्षा की गई और संबंधित राज्यों से संपर्क कर राहत कार्यों की जानकारी ली गई। राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कई क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है। वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कुछ हिस्सों में गर्मी और लू का असर अभी जारी रह सकता है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया, हालांकि शाम के समय कुछ स्थानों पर तेज हवाओं और हल्की गतिविधियों से अस्थायी राहत मिली। राजस्थान के कई क्षेत्रों में भी तापमान ऊंचे स्तर पर बना रहा।
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि दक्षिण-पश्चिम मानसून आगे बढ़ रहा है और अगले दो से तीन दिनों में गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में इसके पहुंचने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं। इससे कई इलाकों में गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
हिमाचल प्रदेश के कुछ पर्वतीय क्षेत्रों में भी अचानक जलस्तर बढ़ने और मार्ग प्रभावित होने की सूचना है। प्रशासन द्वारा सड़कों को सामान्य करने और प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंच बहाल करने का काम जारी है।
विशेषज्ञों ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देने और प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
Aaina Express
