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नई दिल्ली/मुंबई। जहां एक तरफ कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी गौतम अडानी पर लगातार हमलावर रहे हैं. इसके साथ ही विपक्ष के कुछ अन्य नेता भी अडानी को लेकर मोदी सरकार को घेरते रहे, लेकिन अब कांग्रेस के साथ एमवीए में शामिल एनसीपी नेता शरद पवार के ‘गियर’ बदल गए हैं.
दरअसल, उन्होंने कगुड़ को कांग्रेस के रवैये से अलग कर लिया है। उन्होंने अब हिंडनबर्ग विवाद पर कहा है कि इसमें अडानी को निशाना बनाया जा रहा है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार ने अभी तक अडानी समूह की जेपीसी जांच की मांग का समर्थन नहीं किया है।
#घड़ी , आजकल अम्बानी-अडानी के नाम लिए जा रहे हैं (सरकार की आलोचना करने के लिए) लेकिन हमें देश में उनके योगदान के बारे में सोचने की जरूरत है। मुझे लगता है कि बेरोजगारी, मूल्य वृद्धि और किसानों के मुद्दे जैसे अन्य मुद्दे अधिक महत्वपूर्ण हैं: एनसीपी प्रमुख शरद पवार pic.twitter.com/FnJreX77mm
– एएनआई (@ANI) 8 अप्रैल, 2023
उन्होंने कहा, ‘जेपीसी की मांग हमारे सभी सहयोगियों ने की थी, यह सच है लेकिन हमें लगता है कि जेपीसी में 21 में से 15 सदस्य सत्ता पक्ष से होंगे। जहां ज्यादातर लोग सत्ता पक्ष के हैं, वहां सच कहां तक देश के सामने आएगा। एक समय था जब सत्ता पक्ष की आलोचना करनी होती थी तो हम टाटा-बिड़ला का नाम लेते थे। टाटा का देश को योगदान आजकल अम्बानी-अडानी का जो नाम आता है, देश के लिए उनके योगदान के बारे में सोचने की जरूरत है।
दरअसल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार ने अडानी-हिंडनबर्ग मामले में जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) की विपक्ष की मांग को बेकार बताया है. एक निजी मीडिया चैनल को दिए अपने इंटरव्यू में पवार ने कहा कि सत्ताधारी दल के पास जेपीसी में बहुमत है। इससे सच्चाई सामने नहीं आती है। इस मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की कमेटी ही सही और सही विकल्प है।
वहीं अब कांग्रेस ने खुद को शरद पवार के बयान से अलग कर लिया है. इस मामले पर कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने कहा, ‘यह उनके अपने विचार हो सकते हैं, लेकिन 19 पार्टियां एकमत हैं कि पीएम मोदी से जुड़े अडानी ग्रुप का मामला बेहद गंभीर है.’
शरद पवार क्या करने जा रहे हैं?
अब ऐसे समय में जहां देश की तमाम विपक्षी पार्टियां गौतम अडानी के मुद्दे पर बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरने की कोशिश कर रही हैं. वहीं दूसरी ओर शरद पवार के इस नए स्टैंड ने सभी को हैरान कर दिया है. लेकिन इसके पीछे शरद पवार की असल चाल क्या होगी ये तो वक्त ही बताएगा। लेकिन इतना तो तय है कि शरद पवार का यह नया कदम महाराष्ट्र के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक समीकरणों में अलग परिणाम जरूर द