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सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्नाव परिवहन विभाग ने नियमों में बदलाव करते हुए ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मेडिकल टेस्ट अनिवार्य किया, डॉक्टरों की नियुक्ति भी की गई है

उन्नाव में ड्राइविंग लाइसेंस (DL) बनवाने की प्रक्रिया अब पहले से अधिक सख्त हो गई है। लर्निंग या स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले हर व्यक्ति के लिए मेडिकल परीक्षण अब अनिवार्य कर दिया गया है।

यह मेडिकल चेकअप केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी माना जा रहा है। इसका उद्देश्य यह देखना है कि चालक यातायात संकेतों को सही ढंग से समझ सके, ध्वनियों को पहचान सके और आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने में सक्षम हो।

जांच के दौरान आंखों की रोशनी, कलर ब्लाइंडनेस (रंग पहचानने की क्षमता), सुनने की शक्ति और हाथ-पैरों की कार्यक्षमता की जांच की जाएगी। मेडिकल जांच सफल होने पर आवेदक को ‘फॉर्म 1ए’ जारी किया जाएगा। इस फॉर्म के बिना ड्राइविंग टेस्ट या लर्निंग लाइसेंस की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।

यह फॉर्म इस बात का प्रमाण होगा कि आवेदक वाहन चलाने के लिए चिकित्सकीय रूप से फिट है। नियमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सड़क पर वही लोग वाहन चलाएं जो शारीरिक रूप से पूरी तरह सक्षम हों। साथ ही लोगों को सलाह दी गई है कि कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बिना जांच के जारी किए जा रहे फर्जी फॉर्म 1ए से सावधान रहें।

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