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नई दिल्ली/मुंबई। महाराष्ट्र से आ रही बड़ी खबर के मुताबिक आज पूर्व उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजीत पवार और उनकी पत्नी सुनेत्रा को एमएससी बैंक घोटाले में बड़ी राहत मिली है. ईडी की चार्जशीट में इन दोनों का नाम नहीं है। हालांकि, पवार और उनकी पत्नी से जुड़ी एक कंपनी का नाम जरूर आया है।
जानकारी के मुताबिक, ईडी ने विशेष अदालत में मामले की चार्जशीट दायर की है। वहीं ईडी के अधिकारियों की माने तो इस मामले में अजित पवार और उनकी पत्नी के खिलाफ कोई तथ्यात्मक सबूत नहीं मिले हैं. इस वजह से चार्जशीट में उनका नाम नहीं भेजा गया है।
एमएससी बैंक घोटाला मामला | प्रवर्तन निदेशालय ने मामले में चार्जशीट पेश की है, जिसमें उसने महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम और एनसीपी नेता अजीत पवार और उनकी पत्नी से जुड़ी एक कंपनी का नाम लिया है, जबकि पवार और उनकी पत्नी का नाम चार्जशीट में नहीं है। ईडी ने अटैच किया था…
– एएनआई (@ANI) अप्रैल 12, 2023
फिलहाल कहा जा रहा है कि अजित पवार और उनकी पत्नी के लिए यह बड़ी राहत है, लेकिन उनसे जुड़ी एक कंपनी का नाम जरूर लिया गया है. फिलहाल इस चार्जशीट पर हाईकोर्ट में सुनवाई होनी बाकी है. ईडी के अधिकारियों के मुताबिक, हाई कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 19 अप्रैल को होगी. इसके बाद ही तय होगा कि कोर्ट इस मामले में चार्जशीट को स्वीकार कर अजीत पवार को राहत देना जारी रखेगी या केस वापस कर देगी. कुछ दिशा-निर्देशों के साथ चार्जशीट दायर की।
जानकारी के मुताबिक, इस मामले में जुलाई 2021 में ईडी ने जरांदेश्वर सहकारी चीनी मिल की जमीन, भवन और मशीनरी समेत 65 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की थी. यह मामला 19 अप्रैल को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। वहीं, ईडी ने इस मामले में पूछताछ के लिए कभी भी अजित पवार को समन जारी नहीं किया है।
हालांकि साल 2021 में मामला सामने आने के बाद ईडी ने सामूहिक रूप से 65 करोड़ रुपए की हेराफेरी का आरोप लगाया था। यह भी बताया गया कि घोटाला होने पर अजीत पवार खुद इस बैंक के एक निदेशक की कुर्सी पर बैठे थे।