बघना सड़क मार्ग निर्माण को लेकर धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल
–
हाथरस के चंदपा क्षेत्र में सड़क निर्माण को लेकर चल रहा धरना-प्रदर्शन जोर पकड़ रहा है। सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों की अनदेखी और प्रशासनिक अधिकारियों की खानापूर्ति ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ा रही है। 21 दिसंबर को धरने पर बैठे ग्रामीणों ने सांसद, विधायक और जिला पंचायत के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। गौरतलब है कि 20 दिसंबर से ग्रामीणों ने धरने को भूख हड़ताल में बदल दिया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि का कहना है जब तक सड़क निर्माण नहीं होगा, तब तक भूख हड़ताल किसी भी सूरत में खत्म नहीं की जाएगी।
धरने पर बैठे एक क्षेत्रीय ग्रामीण ने सड़क निर्माण नहीं होने पर आगरा अलीगढ़ राजमार्ग पर आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। देर शाम एसडीएम सदर रवेंद्र सिंह और सीओ सादाबाद गोपाल सिंह अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ धरनास्थल पर पहुंच गए। एक बार फिर 21 दिसंबर की देर शाम एसडीएम सदर ने नाली खोदाई का कार्य शुरू कराया। सड़क के दोनों तरफ कच्ची नाली खोदाई का कार्य देर रात तक चलता रहा। गौरतलब है कि कड़ाके की ठंड के बावजूद सड़क निर्माण के लिए ग्रामीण धरने पर जमे हुए हैं।
धरनास्थल पर पूरी रात पुलिस-प्रशासन मुस्तैद रहा। प्रशासन ने सड़क पर कुछ मात्रा में गिट्टी डलवा दी है, जिससे ग्रामीण संतुष्ट नहीं हैं। ग्रामीणों का कहना है जितनी गिट्टी प्रशासन ने डलवाई है, उससे ज्यादा तो वह लोग कई बार चंदा करके डलवा चुके हैं। प्रशासन हमें गुमराह कर रहा है। 20 दिसंबर को भी जलनिकासी के लिए कच्ची नाली खोदवाकर केवल गुमराह किया।
देवेंद्र उपाध्याय का कहना है कि इस सड़क मार्ग से सभी जनप्रतिनिधि निकलते हैं, चाहे वो सांसद हों, विधायक या जिला पंचायत अध्यक्ष, लेकिन ग्रामीणों की महज 300 मीटर सड़क के निर्माण की मांग पूरी नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए क्षेत्र के 20 से 25 गांवों के लोगों ने निर्णय लिया है कि लोकसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। देवेंद्र सिंह सिसोदिया ने कहा कि मुख्यमंत्री के आदेशानुसार गड्ढा मुक्त सड़क होनी चाहिए, लेकिन यहां उनकी मंशा को पूरा नहीं किया जा रहा है।