देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों की घोषणा के साथ ही राजनीतिक गतिविधियां अपने चरम पर हैं। असम, तमिलनाडु, केरल, पुदुचेरी और पश्चिम बंगाल में सभी सीटों पर सियासी घमासान देखने को मिलेगा, लेकिन सबसे दिलचस्प मुकाबला पश्चिम बंगाल की भबानीपुर विधानसभा सीट पर होने जा रहा है।
इस सीट को हाईवोल्टेज बनाने का मुख्य कारण है राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, जिनका राजनैतिक व्यक्तित्व विरोधियों को पीछे हटने का मौका नहीं देता। भाजपा ने भी ममता को टक्कर देने के लिए शुभेंदु अधिकारी का नाम 24 घंटे पहले ही घोषित कर दिया, जिससे चुनावी मुकाबला और रोचक हो गया है।
भबानीपुर सीट का इतिहास
भबानीपुर विधानसभा सीट कोलकाता दक्षिण लोकसभा क्षेत्र में आती है। 2011 के परिसीमन से पहले इसे कालीघाट के नाम से जाना जाता था। 2011 के चुनाव में टीएमसी को प्रचंड जीत मिली और ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री बनने के लिए भबानीपुर सीट से विधायक बनना पड़ा।
2016 में ममता ने इस सीट से फिर चुनाव लड़ा और 65 हजार से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल की। लेकिन 2021 में मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ने का फैसला किया, जो उनकी सियासी गलती साबित हुई। नंदीग्राम में हार के बाद ममता ने भबानीपुर से उपचुनाव लड़ा और 85 हजार से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
इस बार मुकाबला और रोमांचक
इस बार भबानीपुर सीट पर नंदीग्राम में ममता को पराजित करने वाले शुभेंदु अधिकारी भी ताल ठोक रहे हैं। भबानीपुर ममता की पारंपरिक सीट रही है और वह यहां से सांसद भी रह चुकी हैं। इसलिए यह मुकाबला आसान नहीं होगा।
राजनैतिक विश्लेषकों की नजरें अब इस हाईवोल्टेज टक्कर पर हैं कि क्या ममता की मजबूत पकड़ इस बार भी उन्हें जीत दिला पाएगी या भाजपा का उम्मीदवार हालात बदलने में सफल होगा।
Aaina Express
