संसद मार्च के दौरान जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बीच गीतांजलि वांग्मो को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए दावों पर विवाद खड़ा हो गया। इस मामले में दिल्ली पुलिस और CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान सोनम वांगचुक की साथी गीतांजलि वांग्मो के साथ पुलिस ने अभद्रता की, उनके बाल खींचे और बल प्रयोग किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि कार्रवाई के दौरान कई प्रदर्शनकारी घायल हुए।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि कुछ पोस्टों में गलत और भ्रामक जानकारी साझा की जा रही है। पुलिस ने विशेष रूप से उन दावों का खंडन किया, जिनमें एक 12 वर्षीय बच्ची के घायल होने और बड़ी संख्या में लोगों के सिर फूटने जैसी बातें कही गई थीं। पुलिस ने लोगों से अपुष्ट और भ्रामक जानकारी साझा न करने की अपील की।
इसके बाद सौरभ दास ने एक और बयान जारी कर स्पष्ट किया कि उनका आरोप गीतांजलि वांग्मो के साथ कथित अभद्रता और बाल खींचने की घटना को लेकर था। उन्होंने दोहराया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई कठोर थी और इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
फिलहाल, इस मामले में दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। घटना के संबंध में किसी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है और मामले को लेकर आधिकारिक जांच या विस्तृत निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
Aaina Express
