मेरठ:
शहर में लंबित सड़क निर्माण कार्यों और निर्माण गुणवत्ता को लेकर नगर निगम परिसर में विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। जनप्रतिनिधियों ने निर्माण कार्यों में देरी और कथित अनियमितताओं को मुद्दा बनाते हुए अधिकारियों से जवाब मांगा।
विरोध के दौरान पार्षदों का एक समूह निर्माण विभाग के कार्यालय पहुंचा और अपने क्षेत्र में प्रस्तावित विकास कार्यों की स्थिति को लेकर चर्चा की। बातचीत के बीच अधिकारियों के कार्यालय से बाहर जाने पर माहौल तनावपूर्ण हो गया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया।
धरने में शामिल जनप्रतिनिधियों का कहना था कि कई सड़क परियोजनाएं लंबे समय से लंबित हैं और कुछ स्थानों पर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। उनका आरोप था कि विकास कार्यों से जुड़े मुद्दों पर अपेक्षित गति से कार्रवाई नहीं हो रही।
स्थिति की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में समर्थक भी मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्ध कार्रवाई की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आगे आंदोलन को और व्यापक बनाया जा सकता है।
दूसरी ओर निर्माण विभाग के अधिकारियों ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि संबंधित सड़क परियोजना कुछ प्रशासनिक और अनुमति संबंधी प्रक्रियाओं से जुड़ी हुई है। अधिकारियों के अनुसार निर्धारित नियमों और आवश्यक मंजूरी के बिना निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ाया जा सकता।
कई घंटों तक चले विरोध और बातचीत के बाद विभागीय अधिकारियों ने प्रतिनिधियों से चर्चा की और उपलब्ध फंड के तहत जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने का भरोसा दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।
Aaina Express
