वाराणसी के राजघाट पुल पर मरम्मत और संरचनात्मक सुधार का काम शुरू होने के साथ ही यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। पुल पर लगे ज्वाइंट एक्सटेंशन और ड्रेनेज स्पाउट बदलने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने रेलवे से विशेष अनुमति लेकर काम शुरू किया है।
मंगलवार रात से शुरू हुए इस कार्य के चलते अगले 60 दिनों तक रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक पुल पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी। सुरक्षा कारणों से इस अवधि में पैदल आवाजाही की भी अनुमति नहीं होगी।
क्यों किया जा रहा है काम?
अधिकारियों के अनुसार पुल पर लगे ड्रेनेज स्पाउट काफी पुराने और जर्जर हो चुके हैं, जिससे बारिश के दौरान पानी जमा होने की समस्या बढ़ रही थी। इन हिस्सों को लगभग दो दशक बाद बदला जा रहा है। साथ ही एक्सपेंशन ज्वाइंट की मरम्मत भी की जाएगी ताकि पुल की संरचना सुरक्षित बनी रहे।
लागू किया गया डायवर्जन प्लान
यातायात विभाग ने रात के समय वैकल्पिक मार्ग तय किए हैं—
- पड़ाव से राजघाट और राजघाट से पड़ाव जाने वाले वाहनों को रामनगर–सामनेघाट पुल की ओर मोड़ा जाएगा।
- बिहार की दिशा से आने-जाने वाले वाहनों को हाईवे और रिंग रोड फेज-3 के पंचफेड़वा मार्ग से भेजा जाएगा।
रेलवे संचालन पर भी असर
काम के दौरान रेलवे ट्रैक की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ निर्धारित समय के लिए रेल संचालन पर भी असर रहेगा। पहले भी मरम्मत कार्य के दौरान तकनीकी और सुरक्षा कारणों से काम रोका गया था।
पहले क्यों रुका था काम?
इससे पहले पुल की मरम्मत का प्रयास किया गया था, लेकिन तकनीकी कारणों और रेलवे की सुरक्षा आपत्तियों के चलते काम बीच में रोकना पड़ा था। रेलवे ट्रैक और हाईटेंशन लाइन के ऊपर काम होने के कारण अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि तय समय के दौरान वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और अनावश्यक रूप से राजघाट पुल की ओर न जाएं, ताकि मरम्मत कार्य समय पर पूरा किया जा सके।
Aaina Express
