इटावा में पिछले 15 दिनों से जारी सर्द हवाओं और घने कोहरे ने रेल यातायात को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। बुधवार को डाउन शताब्दी एक्सप्रेस निरस्त रही, जबकि अमृत भारत एक्सप्रेस और दरयाई एक्सप्रेस भारी देरी से चलकर दूसरे दिन जंक्शन पहुंचीं। डेढ़ दर्जन से अधिक ट्रेनें एक घंटे से लेकर दस घंटे से ज्यादा लेट रहीं। ट्रेनों की लगातार देरी से परेशान होकर 215 यात्रियों ने अपने आरक्षित टिकट निरस्त कराए, जिससे रेलवे को भी राजस्व का नुकसान हुआ।
दिल्ली से अयोध्या के बीच चलने वाली डाउन अमृत भारत एक्सप्रेस, जो रोजाना सुबह साढ़े छह बजे इटावा पहुंचती है, कोहरे के कारण मंगलवार के बजाय बुधवार सुबह 11 बजकर 25 मिनट पर पहुंची। यह ट्रेन 16 घंटे 57 मिनट की देरी से चली। इसी तरह दरयाई एक्सप्रेस 13 घंटे 23 मिनट की देरी से बुधवार दोपहर 2 बजकर 13 मिनट पर इटावा जंक्शन पहुंच सकी।
इसके अलावा डाउन दिशा में चलने वाली नेता जी कालका एक्सप्रेस 3 घंटे 27 मिनट, मूरी एक्सप्रेस 2 घंटे 12 मिनट, नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस 1 घंटे 14 मिनट और जोधपुर हावड़ा एक्सप्रेस 1 घंटे 26 मिनट की देरी से पहुंचीं। बुधवार को डाउन शताब्दी एक्सप्रेस पूरी तरह निरस्त रही, जिससे यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा।
अप दिशा में भी ट्रेनों की स्थिति बेहतर नहीं रही। पटना कोटा एक्सप्रेस 5 घंटे 41 मिनट, बीकानेर प्रयागराज एक्सप्रेस 4 घंटे 53 मिनट और ऊंचाहार एक्सप्रेस 10 घंटे 11 मिनट की देरी से जंक्शन पहुंची। गाजीपुर बांद्रा, वैशाली और कैफियत एक्सप्रेस भी आठ घंटे से अधिक लेट रहीं।
इसके साथ ही शताब्दी एक्सप्रेस 2 घंटे 53 मिनट, मगध एक्सप्रेस 6 घंटे 30 मिनट, मरुधर एक्सप्रेस 5 घंटे 55 मिनट, अवध एक्सप्रेस 8 घंटे, अलीगढ़ फास्ट मेमू 3 घंटे 5 मिनट और गोमती एक्सप्रेस 4 घंटे 5 मिनट की देरी से बुधवार को इटावा पहुंचीं। सर्द हवाओं के बीच यात्रियों को प्लेटफार्म पर लंबा इंतजार करना पड़ा और कोहरे के कारण रेल संचालन पर लगातार असर बना हुआ है।
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