गोरखपुर में महिला डॉक्टर से छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। घटना के बाद पीड़िता ने सोशल मीडिया पर अपनी बात साझा करते हुए अन्य महिलाओं से अपील की कि वे डरें नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं।
नागालैंड की रहने वाली 24 वर्षीय डॉक्टर, जो एम्स गोरखपुर में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में जूनियर रेजिडेंट हैं, ने बताया कि 22 फरवरी की रात वह अपने एक मित्र के साथ ओरियन मॉल गई थीं। लौटते समय तीन युवकों ने उनका पीछा किया, अभद्र टिप्पणियां कीं और नस्लीय टिप्पणी भी की। आरोप है कि एम्स के गेट नंबर-2 के पास पहुंचने पर एक युवक ने उन्हें पीछे से गलत तरीके से छुआ। विरोध करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज की, कपड़े उतारकर धमकाया और जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।
कैंपस पहुंचने के बाद डॉक्टर ने इसकी शिकायत की, जिसके आधार पर एम्स थाने में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने जांच के दौरान दो आरोपियों को देर शाम गिरफ्तार किया, जबकि तीसरे आरोपी को अगले दिन सुबह पकड़ लिया गया। सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है।
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड कोंगकल संगमा ने इसे बेहद शर्मनाक बताया और कहा कि महिलाओं के सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
पीड़िता ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि न्याय की शुरुआत तब होती है जब हम चुप रहना छोड़ देते हैं। उन्होंने कहा कि यह बदले की बात नहीं, बल्कि महिलाओं की गरिमा और सम्मान की रक्षा का सवाल है। उन्होंने सभी महिलाओं से निडर होकर आगे आने और अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करने की अपील की।
Aaina Express
