विद्युत निगम के अधिकारियों के प्रयासों के बावजूद बिजली चोरी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। शहर में बड़े उद्योग और गांवों में किसान बिजली चोरी में लिप्त हैं। रात में ग्रामीण क्षेत्रों के खेतों में कटिया लगाकर सबमर्सिबल और छोटे मोटर चलाए जा रहे हैं।
विद्युत उपकेंद्र मिल्कीपुर, कुमारगंज, खडभडिया , अमानीगंज तुरश्मपुर की स्थिति सबसे खराब है। चमनगंज फीडर से जुड़े गांवों में रात में सर्वाधिक बिजली चोरी होती है। इसके कारण 18 घंटे की निर्धारित आपूर्ति के स्थान पर केवल 10-12 घंटे ही बिजली मिल पा रही है।
सोमवार की रात कटिया लगाने से विद्युत तार टूटकर जमीन पर गिर गया। इस घटना के कारण लगभग 14 घंटे तक आपूर्ति बाधित रही। फॉल्ट ढूंढने में विद्युत विभाग की टीम को खेतों में जाकर तार तलाशना पड़ा।
उप खंड अधिकारी अमित सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे और तहसील मुख्यालय में 21.5 घंटे बिजली आपूर्ति का रोस्टर है। तहसील मुख्यालय का फीडर अलग होने से वहां आपूर्ति कम बाधित होती है। रात में कर्मचारियों से पेट्रोलिंग कराई जाती है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों के लिए मुफ्त सिंचाई योजना लागू की है। बिल न देना होने के बावजूद लोग कटिया लगाकर बिजली चोरी कर रहे हैं। कटिया से टूटे तारों के कारण कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और लोगों की जान भी गई है।