हाथरस में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विवेक उपाध्याय को मनरेगा बचाओ आंदोलन के तहत लखनऊ में प्रस्तावित विधानसभा घेराव कार्यक्रम से पहले उनके आवास पर हाउस अरेस्ट कर लिया गया। प्रशासन ने देर रात करीब 1 बजे यह कार्रवाई की और उनके घर के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया।
विवेक उपाध्याय के मुताबिक, उन्हें शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक कार्यक्रम में शामिल होने से रोकने के उद्देश्य से घेराबंदी की गई। उन्होंने इस कदम को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए कहा कि मनरेगा जैसी योजना ग्रामीण गरीबों और मजदूरों के लिए जीवनरेखा है, ऐसे में उससे जुड़े मुद्दे उठाना गलत कैसे हो सकता है।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रदेश में जनता की समस्याओं को उठाना अब अपराध माना जाने लगा है? क्या बेरोजगारों और मजदूरों की आवाज उठाना सत्ता को असहज करता है? उनका कहना था कि लोकतंत्र में असहमति देशद्रोह नहीं, बल्कि व्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम होती है।
जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि अधिकार और सम्मान की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि हाउस अरेस्ट जैसी कार्रवाई उन्हें रोक नहीं सकती और वे संवैधानिक, शांतिपूर्ण व अहिंसक तरीके से जनता की आवाज उठाते रहेंगे।
उपाध्याय ने दोहराया कि सत्ता चाहे जितनी भी बाधाएं खड़ी करे, जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और उनका संघर्ष जारी रहेगा।
Aaina Express
