तेलंगाना और केरल के मुख्यमंत्रियों के बीच सियासी टकराव अब खुलकर सामने आ गया है। केरल के मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan द्वारा बहस से दूरी बनाने के बयान के बाद तेलंगाना के मुख्यमंत्री Revanth Reddy ने एक विस्तृत पत्र लिखकर उनके आरोपों का तीखा जवाब दिया।
रेड्डी ने अपने पत्र की शुरुआत विजयन की भाषा पर आपत्ति जताते हुए की। उन्होंने कहा कि वे शालीन तरीके से जवाब देना चाहते थे, लेकिन विजयन के पत्र की भाषा अनुचित थी। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग मुद्दों पर विस्तार से जवाब देते हुए विजयन को घेरने की कोशिश की।
रेड्डी ने सबसे पहले केरल की उपलब्धियों पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य की प्रगति का श्रेय पिछली UDF सरकारों को जाता है और LDF की लगातार सरकारों के कार्यकाल में क्या हासिल हुआ, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए।
इसके बाद उन्होंने NITI Aayog के SDG इंडेक्स 2023-24 का जिक्र करते हुए विजयन के दावों पर सवाल उठाया। रेड्डी ने कहा कि जिन आंकड़ों का हवाला दिया जा रहा है, वे उस समय के हैं जब तेलंगाना में पिछली सरकार का कार्यकाल समाप्ति पर था। उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा सरकार के काम का मूल्यांकन उसके अपने कार्यकाल के आधार पर होना चाहिए।
रेड्डी ने आर्थिक आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 2024-25 में तेलंगाना की GSDP 16.12 लाख करोड़ रुपये रही, जिसकी वृद्धि दर 10.7% है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है।
गरीबी के मुद्दे पर भी रेड्डी ने विजयन को घेरा। उन्होंने सवाल किया कि यदि केरल में अत्यंत गरीबी खत्म हो चुकी है, तो हजारों परिवार अभी भी सरकारी योजनाओं पर निर्भर क्यों हैं।
सबसे कड़ा हमला गोल्ड स्मगलिंग मामले को लेकर किया गया। रेड्डी ने आरोप लगाया कि यदि केरल सरकार पारदर्शी है, तो सोने की तस्करी से जुड़े मामलों में अधिकारियों की कथित संलिप्तता के बावजूद जांच पूरी क्यों नहीं हुई। साथ ही सबरीमला मंदिर से जुड़े सोने के कथित मामले पर भी जवाब मांगा।
इस तरह दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच यह पत्राचार अब एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है, जिस पर देशभर की नजरें बनी हुई हैं।
Aaina Express
