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नई दिल्ली/मुंबई। वहीं कुछ समय पहले अडानी ग्रुप पर घातक रिपोर्ट जारी करने वाली अमेरिका की शॉर्ट-सेलर कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च ने निवेशकों के अरबों डॉलर का सफाया कर दिया. वहीं, इस रिपोर्ट की वजह से हुरुन रिसर्च इंस्टीट्यूट की साल 2023 की ग्लोबल रिच लिस्ट में गौतम अडानी दूसरे नंबर से फिसलकर 23वें नंबर पर आ गए हैं।
जानकारी के मुताबिक पिछले साल के मुकाबले अडानी को हर हफ्ते 28 अरब डॉलर यानी 3,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। नेट वर्थ में साल-दर-साल 35% की गिरावट के बाद, अदानी की कुल नेट वर्थ 53 अरब डॉलर पर आ गई है।
हिंडनबर्ग नया प्रकट करेगा
लेकिन हिंडनबर्ग रिसर्च अब फिर से एक और नई रिपोर्ट लेकर आ रहा है। हालांकि, बिना कोई विवरण साझा किए शॉर्ट-सेलर ने कहा कि नई रिपोर्ट “एक और बड़ी रिपोर्ट” है। जिसे जल्द ही जारी किया जा सकता है. ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि अडानी हिंडनबर्ग के बाद किसके बारे में बड़ा खुलासा करने जा रहे हैं?
नई रिपोर्ट जल्द ही—एक और बड़ी रिपोर्ट।
– हिंडनबर्ग रिसर्च (@HindenburgRes) 22 मार्च, 2023
क्या अडानी ग्रुप फिर करेगा निशगाने पर?
माना जा रहा है कि शॉर्ट सेलर कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च जल्द ही अदाणी ग्रुप पर एक और बड़ी रिपोर्ट लेकर आने वाली है। बहरहाल, संकेतों से गुजरात टाइकून और उनके समूह पर निशाना साधने के बाद अब हिंडनबर्ग रिपोर्ट ‘एक और बड़ा’ खुलासा करने की बात कह रही है. दरअसल, आज, 23 मार्च को हिंडनबर्ग रिसर्च ने ट्वीट किया: “नई रिपोर्ट जल्द ही आ रही है – एक और बड़ी रिपोर्ट।” ट्वीट ने दुनिया भर में जबरदस्त उत्सुकता पैदा की है, कई लोग सोच रहे हैं कि क्या यह अमेरिकी बैंक के बारे में होगा।
हुरुन रिसर्च इंस्टीट्यूट की लिस्ट में अडानी फिसले
अब अगर अडानी ग्रुप की बात करें तो हुरुन रिसर्च इंस्टीट्यूट ने साल 2023 के लिए ग्लोबल रिच लिस्ट जारी की है। इस नई रिपोर्ट के मुताबिक, गौतम अडानी इस रिच लिस्ट में दूसरे नंबर से फिसलकर 23वें नंबर पर आ गए हैं। जानकारी के मुताबिक पिछले साल के मुकाबले अडानी को हर हफ्ते 28 अरब डॉलर यानी 3,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। वहीं, उनकी नेटवर्थ में साल दर साल 35 फीसदी की गिरावट के बाद अब उनकी कुल नेटवर्थ 53 अरब डॉलर है।
सूची में कौन कहां है
वहीं, इस लिस्ट में मुकेश अंबानी 9वें, साइरस एस पूनावाला 46वें और शिव नादर फिलहाल 50वें नंबर पर हैं। इसके साथ ही इस रिपोर्ट के मुताबिक साल 2023 में दुनिया में अरबपतियों की संख्या 3,384 से घटकर 3,112 रह गई है। जबकि भारत में इस वक्त यह संख्या बढ़ी है। इस साल 16 नए भारतीय अरबपति सूची में शामिल हुए हैं। साथ ही भारतीय मूल के अरबपतियों की संख्या अब बढ़कर 217 हो गई है।