Breaking News

जीरो टॉलरेंस नीति सवालों के घेरे में, बिना अनुभव और टर्नओवर वाली कंपनी को दिया गया मैनपावर कॉन्ट्रैक्ट

 

सुल्तानपुर मेडिकल कॉलेज में मैनपावर स्टॉफ की नियुक्ति के लिए लीड रिसोर्स कंपनी को चयनित किया गया है। यह कंपनी शासनादेश के मानकों पर खरी नहीं उतरती है।

 

लीड रिसोर्स सिक्योरिटी मैनपॉवर सर्विसेज कंपनी 7 दिसंबर 2021 को स्थापित की गई थी। वहीं लीड रिसोर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी दिसंबर 2022 में खुली। दोनों कंपनियों के निदेशक एक ही हैं।

लखनऊ के चिनहट में इसका कार्यालय है। कागजों पर दोनों कंपनियों के पते में केवल ‘विलेज’ और ‘नॉन विलेज’ शब्द का अंतर है। यह जानकारी सरकारी पोर्टल पर उपलब्ध है। 2 मार्च 2025 को जारी इंटरव्यू पत्र में पते के माध्यम से शासन, विभाग और अभ्यर्थियों को गुमराह किया गया।

सितंबर 2024 में कंपनी ने जेम पोर्टल पर टेंडर फाइल किया था। शासनादेश में स्पष्ट है कि सेवाप्रदाता के पास तीन वर्षों में सरकारी/पीएसयू/सरकारी लिमिटेड कंपनी में समान श्रेणी के कर्मियों की आपूर्ति का अनुभव होना चाहिए। यह अनुभव इस कंपनी के पास नहीं है।

शासनादेश के क्रम संख्या 18 पर यह भी स्पष्ट उल्लेख है कि 2021-22, 2022-23 और 2023-24 में पांच-पांच करोड़ का टर्नओवर होना चाहिए। साथ ही कंपनी का जिलाधिकारी द्वारा चरित्र प्रमाण पत्र जारी होना आवश्यक है।

सवाल उठता है कि जब कंपनी मानकों के अनुरूप नहीं थी, तो उसे चरित्र प्रमाण पत्र से लेकर ठेका किसके कहने पर दिया गया। अगर शासन स्तर पर इसकी जांच होती है, तो कंपनी के काली सूची में डाले जाने के साथ-साथ मेडिकल कॉलेज के प्रशासनिक तंत्र पर भी कार्रवाई हो सकती है।

 

Check Also

प्रयागराज में 980 करोड़ की लागत से एलिवेटेड ब्रिज निर्माणाधीन, शहर के जाम से मिलेगी बड़ी राहत

प्रयागराज में लगभग 980 करोड़ रुपये की लागत से एक सिक्स लेन एलिवेटेड ब्रिज का …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *