पंजाब के पार्टी नेताओं के साथ बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव (संगठन) और सांसद केसी वेणुगोपाल ने मीडिया के सामने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि हमने आज बहुत साफ निर्देश दिए हैं. सभी ने लीडरशिप के फैसले पर सर्वसम्मति से सहमति जताई. पंजाब में लीडरशिप में बदलाव की संभावना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अभी लीडरशिप में बदलाव का कोई सवाल ही नहीं है.
बैठक में खड़गे और राहुल गांधी समेत कई नेता मौजूद रहे
पंजाब के पार्टी नेताओं के साथ आज कांग्रेस की बैठक हुई. इस दौरान कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि बैठक में खड़गे और राहुल गांधी समेत कई नेता मौजूद रहे. बैठक करीबन 3 घंटे चली. इस दौरान राहुल गांधी और खड़गे ने सभी नेताओं की राय भी सुनी.
सार्वजनिक बयानबाजी न करने के निर्देश दिए
वेणुगोपाल ने बताया कि नेताओं ने अपनी-अपनी राय भविष्य के बारे में दी. साथ ही कहा कि पार्टी ने सभी को निर्देश दिया है कि वह किसी भी तरह की सार्वजनिक बयानबाजी न करें. मीडिया और सोशल मीडिया पर कोई बयान स्वीकार नहीं होगा. जो भी बयान देना होगा, पार्टी फोर्म पर दें.
उन्होंने कहा कि पार्टी हाईकमान कैंडिडेट और कैंपेन का प्रोग्राम सब तय करेगा. नेतृत्व में बदलाव की कोई बात नहीं हुई है. हम लोग सभी कम्युनिटी को लेकर प्रतिबद्ध हैं, विशेषकर दलित, OBC और ST को हमने सदैव प्रतिनिधित्व दिया है. कल भी पूरी कांग्रेस साथ थी, आज भी साथ है, हम पंजाब बहुत आराम से जीतेंगे.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने एक बयान जारी किया था. इसमें उन्होंने पार्टी में अंदरूनी कलाह को उजागर कर दिया था. वायरल वीडियो में वह पार्टी में दलितों के प्रतिनिधित्व की बात कर रहे थे. हालांकि उन्होंने इस पर सफाई देते हुए कहा था कि किसी खास जाति या समुदाय के खिलाफ नहीं बोला है. वह सोशल मीडिया पर गलत प्रोपेगैंडा का शिकार हुए हैं.
18 जनवरी यानी शनिवार को पार्टी की शेड्यूल्ड कास्ट विंग की एक मीटिंग में बोलते हुए चन्नी ने कहा था कि पंजाब में अगर आप मानते हैं, कि 35 से 38 परसेंद दलितों की आबादी है, तो हमें प्रतिनिधित्व क्यों नहीं मिल रहा है. इस पर आज मीटिंग में राहुल गांधी ने पंजाब के नेताओं को फटकार भी लगाई है.
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