गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की लगातार देरी से यात्रियों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच कई यात्री प्लेटफॉर्म पर ही बैठकर या लेटकर ट्रेन का इंतजार करने को मजबूर हैं। शुक्रवार को हालात और भी खराब रहे, जब 15 से ज्यादा ट्रेनें अपने तय समय से काफी देरी से स्टेशन पहुंचीं।
घंटों लेट पहुंचीं प्रमुख ट्रेनें
ठंड और कोहरे का सीधा असर रेल संचालन पर दिखा। कई लंबी दूरी की ट्रेनें घंटों की देरी से गोरखपुर पहुंचीं।
चंपारण एक्सप्रेस करीब 15 घंटे लेट रही।
गोरखधाम एक्सप्रेस लगभग 10 घंटे की देरी से पहुंची।
वैशाली एक्सप्रेस करीब 4 घंटे 46 मिनट लेट रही।
राप्तीसागर एक्सप्रेस, कामाख्या–उदयपुर और साबरमती–थावे एक्सप्रेस भी करीब 4 घंटे देरी से आईं।
अमृत भारत एक्सप्रेस साढ़े 13 घंटे और नई दिल्ली–दरभंगा सुपरफास्ट स्पेशल लगभग 7 घंटे लेट रही।
इनके अलावा कई अन्य ट्रेनें भी निर्धारित समय से देर से पहुंचीं, जिससे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ और बेचैनी बढ़ गई।
ठंड में सबसे ज्यादा दिक्कत
लंबे इंतजार के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों का कहना है कि बैठने की समुचित व्यवस्था न होने से उन्हें ठंड में जमीन पर बैठकर या खड़े रहकर समय काटना पड़ा।
यात्रियों की मांग और रेलवे का पक्ष
यात्रियों ने मांग की है कि मौजूदा हालात को देखते हुए अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन किया जाए और स्टेशन पर ठंड से बचाव के लिए बेहतर इंतजाम किए जाएं। वहीं रेलवे अधिकारियों का कहना है कि घने कोहरे के कारण ट्रेनों की गति कम करनी पड़ रही है, जिससे देरी हो रही है। संसाधनों की कमी के चलते फिलहाल अतिरिक्त ट्रेनें चलाना संभव नहीं है, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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