Breaking News

इंटरव्यू: जातीय-धार्मिक ध्रुवीकरण पर मेनका की दो टूक: जाति और कौम के आधार पर माहौल बनेगा तो लोग फंस ही जाएंगे

 

लोकसभा चुनाव चल रहे हैं। नेता जहां एक दूसरे पर वार करने में शब्दों की मर्यादा लांघ रहे हैं। जाति-धर्म की खुलकर सियासत हो रही है। ऐसे दौर में सुल्तानपुर से सांसद और भाजपा प्रत्याशी मेनका गांधी इसे सख्त नापसंद करती हैं।

अपने दीर्घ संसदीय जीवन में वे काम पर यकीन करती आई हैं। वह कहती हैं कि सांसद का चुनाव उसके काम पर होना चाहिए। जाति-कौम के आधार पर माहौल ही नहीं बनना चाहिए। इस मुद्दे पर उन्होंने बेबाकी से बात की…

सवाल : मौजूदा दौर में माना जाता है कि जातीय-धार्मिक ध्रुवीकरण से ही चुनाव जीते जाते हैं। आप इसे राजनीति में कितना जरूरी मानती हैं?

मेनका : जब सभी पार्टियां जाति के आधार पर टिकट देती हैं तो जनता के सामने च्वाइस ही नहीं रह जाती। अब हर कोई नोटा पर वोट तो नहीं दे सकता। मेरा अनुभव है कि जनता काम करने वाले को ही पसंद करती है, लेकिन उसे काम करने वाले का विकल्प तो मिले।

Check Also

आजमगढ़ में 7 SDM के कार्यों में बदलाव: सगड़ी के SDM नरेंद्र गंगवार को मिला निजामाबाद का प्रभार, नवागंतुक डिप्टी कलेक्टर को अतिरिक्त मजिस्ट्रेट का चार्ज – Azamgarh News

  आजमगढ़ में 7 एसडीएम के कार्यों में फेर। आजमगढ़ के डीएम नवनीत सिंह चहल …

Leave a Reply

Your email address will not be published.