बरेली पुलिस और एसटीएफ लखनऊ ने संयुक्त कार्रवाई में साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को बेंगलुरु पुलिस और सीबीआई अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करते थे।
इज्जतनगर के आरवीआरआई कैंपस निवासी शुकदेव नंदी ने 26 जून 2025 को साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोपियों ने व्हाट्सएप कॉल पर खुद को पुलिस अधिकारी बताया। उन्होंने फर्जी दस्तावेज दिखाकर मानव तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए। डिजिटल अरेस्ट की धमकी देकर 17 से 20 जून के बीच 1.29 करोड़ रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए।
पकड़े गए आरोपियों में लखनऊ के प्रदीप कुमार सिंह (49), महफूज (21) और बरेली के अमान खान (25) शामिल हैं। प्रदीप पूर्व सैनिक हैं और वर्तमान में एक इन्फ्रा कंपनी के डायरेक्टर हैं। उनके खाते में 1.10 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए। महफूज के खाते में 1,00,076 रुपए और अमान के खाते में 1,21,208 रुपए ट्रांसफर हुए।
गिरोह का तरीका था कि पहले पीड़ित से पैसे कॉरपोरेट या सेविंग अकाउंट में ट्रांसफर करवाते। फिर इसे 125 अलग-अलग खातों में भेजकर क्रिप्टोकरेंसी में बदल देते थे। पुलिस ने आरोपियों से तीन मोबाइल फोन, आधार कार्ड और पैन कार्ड बरामद किए हैं। बरेली साइबर क्राइम के प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार शर्मा और निरीक्षक सुरेश प्रताप सिंह की टीम ने यह कार्रवाई की।