Breaking News

दोस्ती में धोखा: एसिड फेंकने वाला हमलावर गिरफ्तार, छात्रा के भाई का दोस्त निकला

चौक में बुधवार सुबह लोहिया पार्क के पास छात्रा और उसके मौसरे भाई पर एसिड अटैक की वारदात में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। देर रात मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया लखीमपुर निवासी आरोपी अभिषेक वर्मा छात्रा के भाई का दोस्त है।

 

अभिषेक ने कुछ दिन पहले धोखे से दोस्त के मोबाइल से चोरी से छात्रा का नंबर हासिल कर लिया था। फिर छह नंबरों से उसे लगातार कॉल कर परेशान करने लगा। इस पर छात्रा ने नंबर ब्लॉक कर दिए। इसी खुन्नस में सिरफिरे ने उस पर एसिड से हमला कर दिया। बृहस्पतिवार को पुलिस की तफ्तीश और आरोपी से पूछताछ में कई अहम तथ्य सामने आए।

चौक निवासी 20 वर्षीय छात्रा बुधवार सुबह करीब साढ़े सात बजे लोहिया पार्क के पास मौसेरे भाई से मिलने गई थी। तभी एक शोहदे ने पीछा करने के बाद उससे बातचीत करने का प्रयास किया। विरोध पर एसिड फेंक दिया था। इससे छात्रा और उसका भाई झुलस गए थे। पुलिस की सर्विलांस टीम ने देर रात अभिषेक को गुलाला घाट के पास मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पता चला कि अभिषेक और छात्रा का मौसेरा भाई दोस्त हैं। दोनों लखीमपुर के रहने वाले हैं।

 

 

छह सिम खरीदे, सभी से की कॉल

 

डीसीपी पश्चिम दुर्गेश कुमार ने बताया कि आरोपी से छह सिम बरामद हुए। उसने अलग-अलग आईडी पर सिम लिए थे। जैसे ही छात्रा उसका एक नंबर ब्लॉक करती, वह दूसरे से कॉल और मैसेज भेजने लगता। इस पर छात्रा ने ये सारे नंबर ब्लॉक कर दिए। अभिषेक बोला, जब छात्रा ने रिस्पांस नहीं दिया तो वह खुन्नस रखने लगा। दो दिन पहले साजिश रची। उसे सिर्फ मौके का इंतजार था। बुधवार सुबह वह छात्रा के घर के पास पहुंचा। उसके निकलते ही पीछा करते हुए लोहिया पार्क तक पहुंच गया। पुलिस के मुताबिक कॉल डिटेल और भेजे गए मैसेज अहम साक्ष्य हैं।

 

 

एसिड कहां से लिया..तफ्तीश जारी

 

पुलिस के मुताबिक अभिषेक के पास से एक बोतल सल्फ्यूरिक एसिड कंसन्ट्रेटेड व एक बोतल हाइड्रोजन पैरॉक्साइड सॉल्यूशन बरामद हुआ है। उसने दोनों को मिलकर तीसरी बोतल में भरकर अटैक किया था। उसने अब तक यह नहीं बताया है कि एसिड कहां लिया। सूत्रों के मुताबिक उसे किसी लैब से एसिड मिला। पुलिस इसकी तफ्तीश कर रही है।

अस्पताल से छुट्टी, भेजा गया जेल

 

मुठभेड़ में दाएं पैर में गोली लगने पर आरोपी को ट्रॉमा में भर्ती कराया गया था। एसीपी चौक राजकुमार सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा गया। आरोपी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था।

Check Also

प्रयागराज में 980 करोड़ की लागत से एलिवेटेड ब्रिज निर्माणाधीन, शहर के जाम से मिलेगी बड़ी राहत

प्रयागराज में लगभग 980 करोड़ रुपये की लागत से एक सिक्स लेन एलिवेटेड ब्रिज का …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *