हिमालय से आने वाली नम हवाओं के थमते ही तापमान फिर 42 डिग्री पर पहुंच गया। बीते पांच सालों में पांच मई का दिन सबसे गर्म रहा। मानो आसमान से आग बरसी और घर से बाहर निकलने पर आंच लगी। दोपहर को सड़कों पर लोगों की भीड़ अन्य दिनों के बनिस्बत कम दिखी। थार मरुस्थल से आईं पश्चिमी हवाओं की गति बढ़ी तो लू के थपेड़े तेज हो गए। इसके साथ ही वेट बल्ब तापमान के माहौल में जितनी गर्मी थी उससे अधिक लोगों को महसूस हुई।
मौसम विभाग के मुताबिक सात सालों में पांच मई को इतना अधिक तापमान कभी नहीं रहा है। सीएसए के मौसम विभाग के प्रभारी डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि उत्तर पश्चिमी हवाएं थम गई हैं। इसके साथ ही पश्चिमी हवाएं तेज गति से आ रही हैं। इससे रविवार दिन की गर्मी अधिक हो गई। अधिकतम पारा सामान्य औसत से 2.2 डिग्री सेल्सियस अधिक 42 रहा है।
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