देश के सबसे बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी मामलों में से एक, महादेव ऑनलाइन बुक केस में ईडी ने बड़ा एक्शन लिया है। रायपुर जोनल ऑफिस ने 24 मार्च 2026 को PMLA के तहत लगभग 1,700 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अटैच किया। यह कार्रवाई भारत और विदेशों तक फैली हुई है, जिसमें दुबई की 18 और नई दिल्ली की 2 प्रॉपर्टी शामिल हैं।
ईडी जांच में क्या सामने आया?
ईडी की जांच में यह खुलासा हुआ कि आरोपियों ने सट्टे से कमाए गए पैसे का इस्तेमाल दुबई के पॉश इलाकों में लग्जरी प्रॉपर्टी खरीदने में किया। इनमें शामिल हैं:
- दुबई हिल्स एस्टेट के आलीशान विला और अपार्टमेंट
- बिजनेस बे और SLS Hotel & Residence में हाई-एंड फ्लैट्स
- दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा में अपार्टमेंट
ये सभी प्रॉपर्टी प्रमुख लोकेशन पर हैं और करोड़ों की कीमत में हैं।
जांच एजेंसी के अनुसार, ये संपत्तियां मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर और उनके सहयोगियों के नाम हैं, जिनमें विकास छापरिया, रोहित गुलाटी, अतुल अरोड़ा, नितिन तिबरेवाल और सुरेंद्र बागड़ी शामिल हैं। ये सभी इस सट्टा नेटवर्क के संचालन और अवैध कमाई के निवेश में शामिल थे।
इंटरनेशनल बेटिंग सिंडिकेट का खुलासा
ईडी ने यह भी बताया कि महादेव ऑनलाइन बुक कोई साधारण ऐप नहीं, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय बेटिंग सिंडिकेट है। यह नेटवर्क Tiger Exchange, Gold 365, Ledger 247 जैसे कई प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित होता था। पूरे देश में पैनल और ब्रांच के माध्यम से नेटवर्क फैलाया गया, जबकि इसका कंट्रोल दुबई से सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल कर रहे थे।
इस सिंडिकेट का तरीका बेहद सुनियोजित था:
- कुल कमाई का लगभग 70-75% प्रमोटर्स के पास रहता था।
- बाकी पैसा ऑपरेटर्स में बांटा जाता था।
- काले धन को सफेद बनाने के लिए जटिल तरीके अपनाए जाते थे।
फर्जी बैंक अकाउंट और हवाला का इस्तेमाल
जांच में पता चला कि हजारों फर्जी बैंक अकाउंट बनाए गए, जिनमें आम लोगों के KYC डॉक्यूमेंट का दुरुपयोग किया गया। इसके बाद हवाला और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए पैसा विदेश भेजा गया और उसी से दुबई और भारत में महंगी संपत्तियां खरीदी गई।
अब तक की कार्रवाई
- 175 से अधिक जगहों पर छापेमारी
- 13 लोग गिरफ्तार
- 74 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज
- 5 चार्जशीट स्पेशल कोर्ट में दाखिल
- सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल समेत कई आरोपियों को भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया
ED ने अब तक इस मामले में 4,336 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अटैच या फ्रीज किया है और विदेश में बैठे आरोपियों को पकड़ने के प्रयास तेज कर दिए हैं। जांच अभी जारी है।
Aaina Express
