Breaking News

दहशत फैलाने वाले सांड पर काबू: लखीमपुर में 20 से अधिक घायल, रस्सी से बांधकर ट्रॉली में लाकर गौशाला भेजा

लखीमपुर खीरी के बांकेगंज इलाके में बीते दो महीनों से दहशत का कारण बने सांड को आखिरकार पकड़ लिया गया है। इस सांड ने अब तक 20 से अधिक लोगों को घायल कर दिया था और सब्जी व फल विक्रेताओं के ठेलों को पलटकर इलाके में अफरा-तफरी मचा रखी थी। लंबे समय से परेशान स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।

स्थानीय निवासियों के मुताबिक, सांड को पहले भी एक बार गौशाला पहुंचाया गया था, लेकिन कुछ समय बाद उसे दोबारा छोड़ दिया गया। इसके बाद से ही वह लगातार लोगों पर हमला कर रहा था।

सोमवार रात एक युवक पर हमले के बाद मामले की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी गई। इसके बाद सांड की लोकेशन मिलने पर गौशाला कर्मचारियों को मौके पर बुलाया गया। ग्रामीणों के सहयोग से सांड को घेरने की कोशिश की गई, लेकिन वह काफी देर तक चकमा देकर भागता रहा।

करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद जब सांड एक संकरे रास्ते में फंसा, तब उसे काबू में किया जा सका। कर्मचारियों ने उसे रस्सी से बांधकर ट्रॉली में लादा और गौशाला भेज दिया।

इलाके के लोगों ने मांग की है कि सांड को नजदीकी गौशाला के बजाय किसी दूर की गौशाला में रखा जाए। उनका कहना है कि पहले भी लापरवाही के चलते उसे छोड़ दिया गया था, जिससे दोबारा परेशानी खड़ी हो गई। ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि गौशाला पास होने के बावजूद सड़कों पर आवारा पशुओं की समस्या क्यों बनी हुई है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारी इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहे हैं। बताया गया कि दो दिन पहले इसी सांड ने एक बुजुर्ग पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था।

इस मामले में प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि यदि सांड को फिर से छोड़ा गया तो जिम्मेदार कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही यह भी कहा गया है कि अगर सांड गौशाला में उत्पात मचाता है, तो उसे किसी अन्य स्थान पर भेजा जाएगा।

Check Also

प्रयागराज में 980 करोड़ की लागत से एलिवेटेड ब्रिज निर्माणाधीन, शहर के जाम से मिलेगी बड़ी राहत

प्रयागराज में लगभग 980 करोड़ रुपये की लागत से एक सिक्स लेन एलिवेटेड ब्रिज का …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *