श्रावस्ती जिले में यूरिया खाद के लिए समितियों पर खाद आने की सूचना मिलते ही सुबह से शाम तक किसान लाइन में लग रहे हैं। जहां गर्मी से किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं नसिरगंज महादेवा साधन सहकारी समिति पर यूरिया का स्टॉक नहीं है। किसान सुबह से ही समिति पर पहुंच रहे हैं, लेकिन खाली हाथ लौट रहे हैं।
किसान रिजवान ने आरोप लगाया कि वह कई दिनों से खाद के लिए नासिरगंज समिति पर आ रहे हैं। एक दिन स्टॉक आने पर वह भूख-प्यास की परवाह किए बिना पूरा दिन लाइन में खड़े रहे। खिड़की तक पहुंचने पर उन्हें एक बोरी खाद देने की बात कही गई, लेकिन आगे बढ़ने पर स्टॉक खत्म होने की बात कह दी गई।
जिन समितियों पर खाद उपलब्ध है, वहां भी स्थिति अच्छी नहीं है। किसान कड़ी धूप में घंटों लाइन में खड़े रहते हैं। कई किसानों को बार-बार लाइन लगाने के बाद भी एक बोरी खाद नहीं मिल पाई और उन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ा।
सहकारी समितियों के इंचार्ज का कहना है कि स्टॉक से अधिक किसानों के आने से समस्या हो रही है। वहीं किसानों का आरोप है कि खाद वितरण के दौरान बिचौलिए सक्रिय हो जाते हैं और अपने चहेतों को जरूरत से ज्यादा यूरिया दे देते हैं। इससे जरूरतमंद किसानों को एक बोरी भी नहीं मिल पा रही है।
जिले के कुछ हिस्सों में हाल ही में बारिश हुई है, और जहां बारिश नहीं हुई वहां किसानों ने पंपिंग सेट से सिंचाई की है। अब खेतों में यूरिया डालने का समय है, इसलिए जैसे ही समितियों पर खाद आती है, किसानों की लंबी कतारें लग जाती हैं।
ऐसे में लाइन में लगे किसानों को डर बना रहता है कि शाम तक स्टॉक खत्म हो गया तो उन्हें खाली हाथ वापस लौटना पड़ेगा। इसी जल्दबाजी में खिड़की तक जल्दी पहुंचने की कोशिश में कई बार किसानों के बीच धक्का-मुक्की भी हो जाती है।