महोबा में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बड़ा घोटाला सामने आया है। इफको-टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी के प्रबंधक पर किसानों की भूमि का फर्जी बीमा कराने का आरोप लगा है।
जांच में सामने आया कि महोबा के किसानों की जमीन का बीमा अन्य जिलों के लोगों के नाम पर किया गया और इस धोखाधड़ी में करोड़ों रुपये का क्लेम उठाया गया। असली किसानों को न तो इसकी जानकारी दी गई और न ही कोई लाभ मिला।
किसानों की शिकायत पर डीएम गजल भारद्वाज ने तीनों तहसीलों में जांच समिति गठित की। जांच में पाया गया कि किसानों का डाटा वेरिफाई किए बिना ही क्लेम का भुगतान कर दिया गया। लगभग 41 ऐसे किसान चिन्हित हुए जो महोबा के निवासी नहीं थे, लेकिन उनके नाम पर बीमा क्लेम का पैसा लिया गया।
डीएम के आदेश पर उप कृषि निदेशक राम सजीवन ने शहर कोतवाली में केस दर्ज कराया है। इफको-टोकियो के जिला प्रबंधक निखिल चतुर्वेदी और अन्य अज्ञात लोगों पर कई धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
यह घोटाला साबित करता है कि किसानों की मदद के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का दुरुपयोग कर उन्हें ही ठगा गया। अब केस दर्ज होने के बाद किसानों को उम्मीद है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी और उन्हें न्याय मिलेगा।