फतेहपुर में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने जीएसटी विभाग द्वारा व्यापारियों के कथित उत्पीड़न के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन भेजा है। व्यापार मंडल ने विभाग पर धारा-79 के दुरुपयोग, छापे के नाम पर वसूली और मनमाने ढंग से जुर्माने लगाने का आरोप लगाया है।
मंडल के अनुसार, पिछले कुछ महीनों से जीएसटी विभाग व्यापारियों के विरुद्ध दमनकारी नीति अपना रहा है। विभाग द्वारा ईमेल नोटिस भेजे जा रहे हैं। जिन्हें व्यापारी देख नहीं पाते। इसके परिणामस्वरूप उनके खातों को फ्रीज कर दिया जाता है और राशि निकाल ली जाती है। ईमेल नहीं देख पाने के कारण व्यापारी अपील भी नहीं कर पा रहे हैं।
व्यापार मंडल ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में सर्वे और छापे के नाम पर हो रही अनैतिक उगाही पर रोक लगाई जाए। उनका दावा है कि जालौन जिले के धुर्रा व मेंड़ा जैसे स्थानों पर कुटीर उद्योगों से भी अधिकारी धन उगाही कर रहे हैं।
अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश देने की मांग की
व्यापारियों का आरोप है कि छोटी-छोटी मानवीय भूलों पर भी भारी पेनल्टी लगाई जा रही है। अपील रद्द की जा रही है। इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है और सरकार की छवि धूमिल हो रही है। व्यापार मंडल ने जीएसटी एक्ट की धारा 79 के दुरुपयोग पर रोक लगाने, व्यापारियों के विरुद्ध अपमानजनक कार्रवाई बंद करने और अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश देने की मांग की है।
साथ ही, जीएसटी की दरें कम करने और इनकम टैक्स की तरह जीएसटी में भी रिवाइस रिटर्न की सुविधा प्रदान करने का अनुरोध किया है। इस ज्ञापन पर जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद मिश्र, दयानंद कुशवाहा, सुशील जायसवाल, रोहित कुमार, बाल गोपाल, चंद्र मिश्रा, निर्मल कुमार अग्रवाल, दिनेशचंद्र और रोहित गुप्ता सहित कई पदाधिकारियों के हस्ताक्षर हैं।