उन्नाव में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बांधों से पिछले तीन दिनों से निरंतर पानी छोड़ा जा रहा है।
केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक सोमवार शाम को गंगा का जलस्तर 108.270 मीटर था। मंगलवार को यह बढ़कर 108.330 मीटर हो गया। बुधवार को भी जलस्तर में वृद्धि जारी रही।
शुक्लागंज क्षेत्र समेत कई तटीय गांवों में गंगा का पानी फैलने लगा है। प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है। कटरी क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि मानसून में जलस्तर बढ़ने से पहले खेतों में कटान होता है। फिर यह बस्तियों तक पहुंचता है।
पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में लगातार बारिश से बांधों में जल भर रहा है। जलस्तर नियंत्रित रखने के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बांधों से पानी छोड़ा जा रहा है। इसका प्रभाव कानपुर और उन्नाव के बीच गंगा की मुख्य धारा में दिख रहा है।
प्रशासन ने बाढ़ की आशंका से इनकार किया है। फिर भी संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। राजस्व विभाग और सिंचाई विभाग की टीमें जलस्तर पर नजर रख रही हैं।
गंगा का जलस्तर सामान्य से ऊपर जा सकता है। ऐसे में प्रशासन को पहले से तैयारी रखने की सलाह दी गई है। फिलहाल, जलस्तर में हो रही 5 सेंटीमीटर की यह बढ़ोत्तरी मामूली लग सकती है, लेकिन इसके पीछे छिपा संभावित खतरा गंभीर हो सकता है। प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए यह समय सतर्कता बरतने का है।