उन्नाव। उन्नाव नवरात्र के छठे दिन दुर्गा के स्वरूप में मां कात्यायनी के दर्शन के लिए सुबह से लेकर देर रात तक दुर्गा मंदिरों में खासी भीड़ देखने को मिलती है। राजधानी मार्ग स्थित प्राचीन दुर्गा मंदिर में भोर पहर से भक्तों की कतारें लगी रहती है। सुबह से ही श्रद्धालुओं की लाइन लगी रही। वहीं देर रात तक श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए मंदिर परिसर में मौजूद रहते हैं। पूजा पाठ चलता रहता है। मंदिरों में बज रहे मां के गीतों व भजनों से नगर भक्तिमय बना रहता है।
सजाया गया मां का दरबार
गुरुवार को मां कात्यायनी के स्वरूप के दर्शन के लिए मां के दरबार को भव्य तरीके से सजाया गया है। मां के जयकारे लगते रहे। आचार्य विनोद पांडे ने बताया कि मां कात्यायनी की विधि विधान से पूजा अर्चना करने से ऐच्छिक मनोकामनाएं पूरी होती है। उपवास रखकर व दुर्गा शप्तशती पाठ करके भक्तों ने मां को प्रसन्न किया। मां दुर्गा की छठवीं शक्ति कात्यायनी की उपासना करने से परम पद की प्राप्ति होती है।
नवरात्रि में मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। इनकी उपासना और आराधना से भक्तों को बड़ी आसानी से अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष चारों फलों की प्राप्ति होती है। उसके रोग, शोक, संताप और भय नष्ट हो जाते हैं। जन्मों के समस्त पाप भी नष्ट हो जाते हैं। महिला श्रद्धालुओं ने मंदिरों में माता के भजन कीर्तन गाए। मंदिरों में प्रसाद वितरण किया गया। वहीं जगह जगह मां के जागरण का सिलसिला शुरू हो गया है।
4 बजे से ही लग जाती हैं लाइन
राजधानी मार्ग स्थित दुर्गा मंदिर करीब 400 वर्ष पुराना माना जाता है। यहां पर उन्नाव समेत कानपुर के लिए श्रद्धालु दर्शन करने को आते हैं। दर्शन पाने के लिए सुबह 4 बजे से ही यहां पर श्रद्धालुओं की लंबी लाइन लग जाती है। दरबार खुलते ही श्रद्धालु दर्शन करते हैं और उसके बाद वापस लौट जाते हैं। नवरात्र के अंतिम दिन यहां आने वाले कई श्रद्धालु भव्य भंडारा करवाते हैं जो सुबह से लेकर देर रात तक चलता है भारी भीड़ के चलते पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी जाती है।