बरेली के फरीदपुर के गौस गंज में मोहर्रम जुलूस के दौरान बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जहां 12 फुट की अनुमति थी, वहां 25 फुट ऊंचा ताजिया बना दिया गया। जैसे ही ताजिया हाईटेंशन लाइन के पास पहुंचा, उसमें भीषण आग लग गई। ताजिया धू-धू कर जल उठा, भगदड़ मच गई..
ताजिए पर चढ़े लोग जलते-जलते बचे। चंद मिनटों में ताजिया जलकर गिर गया। वहीं, पुलिस की लापरवाही सामने आई, क्योंकि दरोगा ने गलत रिपोर्ट दी थी। ताजिए की ऊंचाई 10 फुट बताई गई थी, जबकि असल में वह 25 फुट का था।
एसएसपी अनुराग आर्य ने मामले को गंभीरता से लिया और दरोगा अशोक कुमार को निलंबित कर दिया।
12 की जगह 25 फुट का बनाया ताजिया दरअसल, पिछले एक महीने से पुलिस प्रशासन कड़ी मेहनत कर रहा था। पुलिसकर्मी एक-एक ताजिए दार से मिले थे, ताकि जहां कहीं विवाद हो, उसे पहले ही सुलझा लिया जाए। पुलिस प्रशासन ने ताजिए की लंबाई भी तय कर दी थी। प्रशासन की ओर से ताजिए की अधिकतम ऊंचाई 12 फुट निर्धारित की गई थी। इसके बावजूद 25 फुट ऊंचा ताजिया बनाया गया।
जब यह ताजिया फरीदपुर के गौस गंज इलाके में हाईटेंशन लाइन के पास पहुंचा, तो उसमें भीषण आग लग गई। ताजिया धू-धू कर जलने लगा, जिससे वहां भगदड़ मच गई।
ताजिया जलते हुए वीडियो हुआ वायरल ताजिए पर चढ़े लोग जलने से बच गए, क्योंकि ताजिए के ऊपर कई ताजिए दार सवार थे। चंद मिनटों में ताजिया जलकर नीचे गिर गया, जिससे जुलूस में मौजूद लोग बड़ी अनहोनी से बच गए। वहीं ताजिये दारों के साथ-साथ पुलिस भी मौके पर मौजूद थी। इस घटना का वीडियो वहां मौजूद लोगों ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
दरोगा ने दी थी गलत रिपोर्ट इस मामले में एसएसपी अनुराग आर्य ने कड़ी कार्रवाई करते हुए फरीदपुर में तैनात दरोगा को सस्पेंड कर दिया। एसएसपी ने बताया कि विगत 20 दिनों में जनपद के समस्त ताजियेदारों की बैठक एवं भ्रमण कर सत्यापन का दायित्व उपनिरीक्षकों को सौंपा गया था।
थाना फरीदपुर क्षेत्र के ग्राम गौस गंज के उस ताजिए की ऊंचाई, जिसमें आग लगी, को उपनिरीक्षक अशोक कुमार द्वारा सत्यापन प्रारूप में 10 फुट लिखा गया था। इस लापरवाही के लिए उपनिरीक्षक अशोक कुमार को निलंबित किया गया है।